अंब के चार गांव पी रहे मटमैला पानी

अंब। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग का सिद्ध चलेहड़ में स्थापित स्टोरेज वाटर टैंक का लैंटल टूट जाने के कारण करीब चार गांवों के लोग दो वर्ष से गंदापानी पीने के लिए विवश हैं। हालत यह हो गई है कि गंदा पानी पीने के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। लोगों को गंदे पानी के चलते आंत्रशोथ बीमारी फैलने का भय बना हुआ है। स्थानीय निवासी प्रेम सिंह, सुमनेश शर्मा, अनिल कुमार, ओम प्रकाश, यशपाल नंबरदार, महिलामंडल प्रधान चैंचला देवी, जीतो देवी आदि ने बताया कि पिछले करीब दो वर्ष से सिद्ध चलेहड़ वाटर टैंक का लैंटल टूट जाने के कारण दर्जनों बंदर उक्त टैंक के अंदर प्रवेश कर पानी पीने के बाद शौच आदि कर देते हैं। इसके साथ-साथ बरसात का गंदा पानी उक्त टैंक में जाने के कारण टैंक का पानी पीने योग्य नहीं रहा है। उल्लेखनीय है कि वाटर टैंक का कुल लैंटल करीब डेढ़सौ फुट है, जिसका करीब 75 प्रतिशत भाग पूरी तरह टूट चुका है। इसके कारण उक्त टैंक बंदरों की शरणस्थली बनकर रह गया है। इस संबंध में आईपीएच विभाग के एसडीओ केएस पठानिया ने बताया कि सिद्ध चलेहड़ वाटर टैंक का लैंटल टूटने का मामला उनके ध्यान में है। लैंटल के टेंडर किए गए हैं। जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।

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