अदालत जाएंगे निजी बस आपरेटर

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, शिमला

ऊपरी शिमला की सड़कों की खस्ता हालत और जवाहर लाल नेहरू शहरी  नवीनीकरण योजना की बसों को गांव में चलाने के विरुद्ध निजी बस आपरेटर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। हिमालयन निजी बस आपरेटर यूनियन के पूर्व अध्यक्ष पंकज चौहान एवं महासचिव रमेश कमल ने कहा कि  ऊपरी शिमला में सड़कों की हालत इतनी खस्ता है कि जान हथेली पर रखकर सफर करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों छैला के पास हुई सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण खस्ताहाल सड़क है और सरकार को इस दर्दनाक हादसे से कोई शिक्षा नहीं मिल रही है। सरकार से जुड़े लोग यही कह रहे हैं कि सड़कों की हालत ठीक है। उन्होंने बताया कि ठियोग हाटकोटी राज्य मार्ग तो इतना खस्ता है कि इस सड़क पर गाड़ी चलाना अपने आप में एक करिश्मा है। उन्होंने कहा कि लगातार राजस्व तकनीकी हानि उठानी पड़ रही है। उन्होंने जुलाई-अगस्त व सितंबर माह के विशेष पथ कर में 50 प्रतिशत की छूट मांगी। उन्होंने कहा कि जवाहर लाल शहरी नवीनीकरण के तहत जो लाल बसें गांव में दौड़ रही हैं, उनका रूट परमिट शहर तक ही सीमित है और इन लाल बसों को बिना रूट परमिट गांव में चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोनों मार्गों पर सरकार विचार नहीं करती है, तो बस आपरेटर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

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