अधिशाषी अभियंता ने किया सोलन-सुबाथू मार्ग का निरीक्षण

सोलन। लोक निर्माण मंत्री ठाकुर गुलाब सिंह के आदेशों के बाद खस्ताहाल हो चुके सोलन-सुबाथू मार्ग की जांच आरंभ हो गई है। मंगलवार को कसौली के अधिशाषी अभियंता ओपी वर्मा ने 22 किलोमीटर लंबे मार्ग का निरीक्षण किया और पाया कि कई जगह विभाग और कई स्थानों पर सड़क के साथ रहने वाले लोग मार्ग की खस्ताहालत के लिए दोषी हैं। बता दें कि लोक निर्माण मंत्री ठाकुर गुलाब सिंह के पिछले सप्ताह कठनी दौरे के दौरान लोगों ने लगभग डेढ़ वर्ष पहले भारत निर्माण योजना के तहत एक करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से नए सिरे से पक्की की गई सोलन-सुबाथू सड़क का मामला प्रमुखता से उठाया था। मंत्री को बताया गया कि यह मार्ग बनने के कुछ ही माह बाद उखड़ना आरंभ हो गई थी, जबकि पैरापिट व नालियां बनाने में भी घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे वर्तमान में सड़क की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है।

ऐसे में वाहन चालकों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है, साथ ही गड्ढों के कारण हमेशा हादसे का अंदेशा भी बना हुआ है। ठाकुर गुलाब सिंह ने उसी वक्त विभाग के अधीक्षण अभियंता विजय कपूर को इस मार्ग की तुरंत जांच के आदेश देते हुए शीघ्र रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा था। मंगलवार को लोक निर्माण विभाग कसौली के अधीक्षण अभियंता ओपी वर्मा ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ इस 22 किलोमीटर लंबे मार्ग का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई खामियां उजागर हुई हैं। एक्सईएन श्री वर्मा ने बताया कि कई स्थानों पर सड़क की खस्ताहालत के लिए उनका विभाग जिम्मेदार पाया गया, जबकि अधिकतर स्थानों पर लोगों की लापरवाही भी उजागर हुई है। उस वक्त विभाग के अधिकारियों ने निर्माण कार्य के दौरान पानी की पुरानी निकासी नालियों की ओर ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने से पक्की सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। केबल बिछाने के लिए की गई खुदाई के बाद भी सड़क की ओर समुचित ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि अधिकतर स्थानों पर लोगों ने सड़क के किनारे बनी नालियों पर वाहन योग्य मार्ग बना लिए हैं या अतिक्रमण कर लिया है, जिससे पानी सड़क पर फैल कर भारी नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने बंद पड़ी नालियों को तुरंत खोलने के आदेश देते हुए क्षतिग्रस्त हुए पैरापिट व नालियों को भी दुरुस्त करने और सड़क के किनारे पड़े मलबे को तुरंत हटाने के निर्देश अधीनस्थ अधिकारियों को दिए। उन्होंने बताया कि हमेशा क्षतिग्रस्त रहने वाले सड़क के हिस्सों को कंकरीट से पक्का किया जाएगा और बारिश बंद होने के बाद इस सड़क की मरम्मत का कार्य भी आरंभ कर दिया जाएगा।

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