अस्पताल आएं, खाना खुद बनाएं

पूनम भारद्वाज, शिमला

अस्पतालों में तीमारदारों को अब बाहर का महंगा भोजन नहीं खाना पड़ेगा। वे अस्पताल में ही अपने लिए भोजन पका सकेंगे। भोजन पकाने के लिए उन्हें बाकायदा गैस चूल्हा, सिलेंडर व रेगुलेटर प्रदान किया जाएगा। यह सुविधा उन्हें आईओसी (इंडियन ऑयल कारपोरेशन) उपलब्ध करवाएगी। केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजना सामूहिक किचन इंडेन रसोईघर के कारण यह मुमकिन हो सका है। पंचायतों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहां पर मरीजों के इलाज को लेकर बिस्तरों की सुविधा है, वहीं यह सुविधा प्रदान की गई है। तीमारदारों को भोजन पकाने की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए यह योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत आईओसी 30 बिस्तरों की सुविधा वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चार गैस सिलेंडर, दो रेगुलेटर, एक चूल्हा निःशुल्क उपलब्ध करवाएगा। साथ ही रिफल भी निःशुल्क ही देगा। आईओसी की यह योजना प्रदेश के पालमपुर, डलहौजी, जयसिंहपुर, कुल्लू तथा अर्की में शुरू कर दी गई है।  योजना के मुताबिक आईओसी गैस सिलेंडर को इस्तेमाल लाने पर तीमारदार से खाना पकाने की एवज में समय के आधार पर पैसे वसूलेगा यानी आधा घंटा गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने पर तीमारदार से मात्र पांच से छह रुपए वसूले जाएंगे, जो नो प्रोफिट व नो लॉस के आधार पर होंगे। रसोईघर को चलाने के लिए यहां पर सीएमओ या एसएमओ द्वारा व्यक्ति तैनात किया जाएगा।  देखा जाए तो अस्पतालों में मरीज के इलाज पर खर्च होते भारी-भरकम पैसे तथा ऊपर से अपने खाने के लिए तीमारदारों को बाहर से खाने की व्यवस्था करना लोगों पर पैसे की दोहरी मार झेलने को मजबूर करता है। मरीजों के इलाज के साथ बाहर का अतिरिक्त खर्चा परिवार वालों पर न पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए इंडेन रसोईघर योजना को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शुरू किया गया है।

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