अस्पताल में टेस्ट नहीं

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, बिलासपुर

जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। रिजेंट (टेस्ट के जरूरी उपकरण) खत्म होने के कारण विभिन्न रोगों से संबंधित परीक्षण नहीं हो पा रहे हैं। करीब आधे माह से यह समस्या लगातार बनी हुई है। ब्लड टेस्ट के अतिरिक्त अन्य किसी भी प्रकार के परीक्षण न होने से मरीजों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टेस्ट करवाने के लिए उन्हें निजी क्लीनिकों की शरण में जाना पड़ रहा है, जहां उनसे मनमाने दाम वसूल किए जा रहे हैं। दूसरी ओर जिला अस्पताल प्रशासन इस गंभीर समस्या से अनजान बना हुआ है। अस्पताल सूत्रों की मानें, तो रोगी कल्याण समिति की मार्फत आम लोगों को सस्ती दरों पर प्रयोगशालाओं में परीक्षण करवाने की सुविधा है। विडंबना यह है कि पिछले 15 दिन से खून के परीक्षण के अलावा अन्य कोई भी टेस्ट नहीं हो रहा है। इस कारण मरीजों को निजी क्लीनिकों में टेस्ट करवाने के लिए महंगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं। बुखार व टायफाइड आदि होने पर डाक्टर विडाल टेस्ट लिखते हैं, लेकिन अस्पताल में यह टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। यही नहीं, जिला अस्पताल की प्रयोगशाला में दिल की बीमारी के लिए होने वाला टेस्ट लिपिड प्रोफाइल, लीवर व पीलिया के लिए एलएफटी, किडनी का आरएफटी तथा पेशाब के रुटीन टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। पिछले 15 दिन से मरीजों को प्राइवेट लेबोरेटरी में महंगे दामों पर परीक्षण करवाने पड़ रहे हैं। मरीजों में अस्पताल प्रशासन के प्रति रोष है। उधर, इस बारे में जब सीएमओ डा. एचके अत्री से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि रिजेंट खत्म होने की उन्हें अभी जानकारी मिली है। इस बाबत एसएमओ से बात कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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