इस्तीफा दें अधिकारिता मंत्री सरवीण

शिमला। प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र मंे शुक्रवार को प्रश्नकाल काफी गरमाहट वाला रहा। विधायक हर्षवर्धन चौहान के एक सवाल पर संतोषजनक उत्तर न मिलने पर विपक्षी सदस्यांे ने तीखी प्रतिक्रिया जताई। यहां तक कि विपक्ष ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी के त्यागपत्र तक की मांग कर डाली, जिससे मामला काफी गरमा गया। इस सवाल पर मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सभी तथ्यों को सदन मंे रखा जाएगा, इसलिए विपक्षी सदस्य ज्यादा आक्रोश में न आएं। विधायक हर्षवर्धन चौहान ने शिलाई विधानसभा क्षेत्र के दाया गांव में निर्मित अंबेडकर भवन की वर्तमान स्थिति के बारे में अपने सवाल में पूछा था, जिस पर सामाजिक न्याय मंत्री सरवीण चौधरी ने अपने जवाब में बताया कि इस भवन पर 10 लाख 23 हजार 892 रुपए खर्च किए गए हैं और भवन का निर्माण पूरा हो गया है, जिसे ग्राम पंचायत कुनांत को सौंप दिया गया है।  विधायक हर्षवर्धन का कहना था कि सदन को गलत जानकारी दी गई है, क्योंकि निर्माण के साथ ही बरसात में यह भवन गिर गया है, जिसकी मंत्री को कोई जानकारी नहीं। इस पर अधिकारिता मंत्री और कांग्रेस विधायक आमने-सामने आ गए, जिससे माहौल गर्म हो गया। कांग्रेस विधायक ने तथ्यांे को लेकर मंत्री के त्यागपत्र तक की मांग कर दी और कहा कि यदि वह गलत होंगे, तो वह त्यागपत्र देंगे। विपक्ष की एकजुटता को देख सत्तापक्ष कुछ कमजोर दिखा, लेकिन मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप कर मामले को ठंडा किया। उन्होंने कहा कि किसी के भी त्यागपत्र देने का सवाल खड़ा नहीं होता है। तथ्यों की जानकारी ली जाएगी और जो सही होगा वह सदन में
रखा जाएगा।

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