ऊना का जल निकासी प्रोजेक्ट रद्द

जितेंद्र कुंवर, ऊना

जिला मुख्यालय में जल निकासी की व्यवस्था सुधरने वाली नहीं है। प्रदेश सरकार ने जल निकासी के 53.53 करोड़ के प्रोजेक्ट को रिजेक्ट कर दिया है। इसे नगर परिषद ने अर्बन डिवेलपमेंट योजना के तहत मास्टर प्लान तैयार करके मंजूरी के लिए सरकार को भेजा था, परंतु फंड की कमी के चलते इस प्रोजेक्ट को रिजेक्ट कर दिया गया है।

इससे पहले आईपीएच विभाग ने शहर में जल निकासी के लिए सर्वे की योजना बनाई थी, लेकिन बजट के अभाव में संबंधित विभाग की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई थी। इससे सर्वे भी नहीं हो सका था।

अब प्रोजेक्ट के रिजेक्ट होने पर नगर परिषद ने दोबारा से मास्टर प्लान तैयार करने के लिए कवायद शुरू की है। इसके लिए उपायुक्त केआर भारती की अगवाई में एक समिति गठित की गई है। इसमें आईपीएच विभाग के एक्सईएन, एक्सईएन सीएमयू और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को बतौर मेंबर शामिल किया गया है। यह समिति मास्टर प्लान तैयार करने में अपना सहयोग देगी। नए प्लान के अनुसार नगर परिषद एरिया के ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त बनाया जाएगा। पुराने बरसाती नालों को चैनेलाइज किया जाएगा।

विशेषकर सब्जी मंडी, होशियारपुर रोड और डीसी आफिस के पास डे्रनेज सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा, जिससे बारिश का पानी सीधा लालसिंगी खड्ड में जा सके। गौरतलब है कि बरसात में सभी 11 वार्डों में जल निकासी की समस्या आती है। परंतु वार्ड-एक, नौ व दस सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। प्रापर डे्रनेज सिस्टम न होने के कारण यह समस्या आती है। भारी बरसात होने पर तो समस्या और भी गंभीर हो जाती है। पुराना बस अड्डा, सब्जी मंडी, मिनी सचिवालय, बचत भवन, डीसी कालोनी, फ्रैंड्स कालोनी, आर्य नगर और आदर्श नगर का एरिया जलमग्न होता है। साथ लगते एरिया में किसानों की फसलें भी प्रभावित होती हैं। अनप्लानड कंस्ट्रक्शन और लालसिंगी खड्ड में पानी की निकासी प्रापर न  होने से हर बार बरसातों में समस्या पेश आती है।

इससे सारा पानी मिनी सचिवालय के आसपास एकत्रित हो जाता है। इस बीच डीसी आफिस के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित सरकारी कार्यालयों में पानी घुस जाता है। उधर, नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता राजेंद्र सैणी ने माना कि पहले भेजे प्रोजेक्ट को सरकार ने रिजेक्ट कर दिया है। इस बारे में दोबारा से योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए एक कमेटी भी गठित की गई है। योजना तैयार करके शीघ्र ही प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी। अनुमति मिलते ही प्रोजेक्ट का काम शुरू किया जाएगा, जिससे शहर में जल निकासी की समस्या से छुटकारा मिलेगा। फिलहाल ऊना को अभी पानी की समस्या से और जूझना पड़ेगा। जब तक जल निकासी योजना सिरे नहीं चढ़ती है, तब तक लोग परेशान होते रहेंगे।

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