एक क्लिक और कलाकार हाजिर

 धर्मशाला। प्रदेश के सभी कलाकारों की पूरी जानकारी अब एक चुटकी में मिलेगी। भाषा एवं संस्कृति विभाग शीघ्र ही एक वेबसाइट लांच करने जा रहा है। विभाग की वेबसाइट में पूरे प्रदेश के नाट्य ,गायन एवं वादन कलाकारों, चित्रकारों तथा सहित्यकारों का जिलावार ब्यौरा अब कम्प्यूटर पर एक क्लिक से मिलेगा। वहीं कला प्रेमियों को भाषा एवं संस्कृति विभाग की वेबसाइट के जरिए उक्त सभी कलाकारों के इतिहास से रू-ब-रू होने का मौका मिलेगा। जिला भाषा अधिकारी कांगड़ा त्रिलोक सूर्यावंशी ने खबर की पुष्टि की है। जिला भाषा अधिकारी ने बताया कि भाषा एवं संस्कृति विभाग के शिमला निदेशालय से आदेश जारी हुए हैं, जिसके तहत प्रदेश के सभी जिला भाषा अधिकारियों को स्थानीय कलाकारोंं, चित्रकारों तथा  सहित्यकारों के संबंध में आवश्यक सूचना जुटाने के निर्देश मिले हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल की मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को प्रदेश के भीतर मनाए जाने वाले कांगड़ा घाटी ग्रीष्मोत्सव, चंबा मिंजर मेला तथा कुल्लू ग्रीष्मोत्सव आदि सभी उत्सवों में प्रदेश के स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा उजागर करने का अवसर प्रदान करने तथा पाश्चात्य कलाकारों पर की जाने वाली फिजूलखर्ची को कम करने के आदेश दिए थे। मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेशों के तहत उक्त महोत्सवों में जिला प्रशासन को भाषा एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से कलाकारों को आमंत्रित करने केे भी आदेश हुए थे। जिला भाषा अधिकारी ने बताया कि निदेशालय से जारी आदेशों के अनुसार विभाग स्थानीय कलाकारों, चित्रकारों तथा साहित्यकारों के आंकड़े इकट्ठा कर रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक जिला विभाग ने 88 साहित्यकारों, चार चित्रकारों, छह कांगड़ा शैली के चित्रकारों तथा कुछ गायन, वादन तथा लोक नृत्य दलों के आंकड़े एकत्रित किए हैं। उन्होंने बताया कि कांगड़ा शैली में ओपी टाक तथा शहनाई वादन में रफीक मोहम्मद जैसे महान कलाकारों का नाम व पता भी लोगों को आसानी से हासिल होगा। उन्होंने बताया कि विभाग की वेबसाइट पर सभी कलाकारों, साहित्यकारों तथा चित्रकारों के स्थायी पते तथा दूरभाष नंबर दर्शाए जाएंगे।

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