एक बोतल में लगाए चार चलते पंखे

कहते हैं कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती बेशक उसे सामने आने में वक्त जरूर लग सकता है, लेकिन उसे छिपाया नहीं जा सकता। ऐसी ही प्रतिभा का उदाहरण जयपुर के सीकर रोड स्थित शारदा विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल के कक्षा 11 के छात्र विष्णु  ने हाल ही में पेश किया है। विष्णु ने दो सेंटीमीटर चौड़ाई के मुंह वाली कांच की बोतल में पांच-पांच सेंटीमीटर लंबाई वाले चार चलने वाले पंखे लगाकर अपनी बारीक कारीगरी से सबको दांतों तले अंगुली दबाने के लिए मजबूर कर दिया है। विष्णु अपने इस हुनर के जरिए लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज करवाने की तैयारी भी कर रहा है। विष्णु की तमन्ना एक सफल चाटर्ड एकाउंटेट बनकर अपना बिजनेस स्टार्ट करने की है।

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