एचआरटीसी को डूबने से बचाए सरकार

नगर संवाददाता, मंडी

हिमाचल पथ परिवहन निगम की हालत बेहद खराब है। सरकार इसकी लुटिया को डूबने से बचाए, अन्यथा यह किसी भी समय डूब सकता है। यह पीड़ा हिमाचल पथ परिवहन निगम मजदूर संघ की राज्य स्तरीय बैठक के दौरान जाहिर हुई। राज्य स्तरीय बैठक में दो दिनों तक चले मंथन के बाद इसका मसौदा भी तैयार हुआ कि किस तरह से निगम को फायदे में लाया जाए और निगम के कर्मचारियों के हित कैसे सुरक्षित किए जाएं। इसी को लेकर शनिवार को दिन भर मंथन चलता रहा। दो दिनों तक चले इस मंथन की प्रक्रिया में 20 सूत्री मांग का मसौदा भी तैयार किया गया, जिसे संघ मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री को सौंपेगा।  इन 20 सूत्री मांगों में कई ऐसी मांगें हैं जो जायज लगती हैं और उनके लिए संघ लंबे समय से लड़ाई लड़ता रहा है। इन मांगों में स्पष्ट किया गया है कि डीए की आठ फीसदी किस्त उन्हें नहीं मिली है। उनकी अन्य मांगों में बुकिंग एजेंटों को नियमित करना, चालक/परिचालकों के रिक्त पद भरने के अलावा मेकेनिकल ट्रेड के पदों को भी वर्कशाप में भरा जाए। साथ ही सरकार घटिया कलपुर्जों पर भी कड़ी निगरानी रखे, ताकि हादसों पर काबू पाया जा सके। इस 20 सूत्री मसौदे को तैयार करने के बाद कर्मचारी संघ ने यह फैसला लिया है कि मुख्यमंत्री को इस मांगपत्र को सौंपा जाएगा तथा इसके अलावा परिवहन मंत्री को भी इस मसौदे के बारे में अवगत करवाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संघ परिवहन मंत्री के साथ वार्ता करेगा और उसके बाद ही कोई निर्णय लेगा। सभी वक्ताओं ने शुक्रवार को निगम को हो रहे घाटे पर भी चर्चा की गई। राज्य प्रदेशाध्यक्ष जसमेर राणा ने कहा कि कर्मचारियों के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। इस बैठक के बाद जो मसौदा तैयार किया गया है। उसे सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।

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