एचपीयू में एबीवीपी-एसएफआई की छात्राएं भिड़ीं

शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के रेणुका छात्रावास में एबीवीपी व एसएफआई की छात्राओं में झड़प हो गई। काफी देर तक छात्राओं में तीखी नोकझोंक होने के बाद विवाद मारपीट तक जा पहुंचा। मारपीट में एक छात्रा को हल्की चोटें भी आई हैं, जिसका मेडिकल करवाया गया है। होस्टल वार्डन ने इसकी सूचना विवि के सिक्योरिटी इंचार्ज को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामला शांत करवाया। छात्राओं ने इस घटना का दोष एक-दूसरे पर मढ़ते हुए पुलिस को लिखित में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। एबीवीपी द्वारा पुलिस को लिखित में दी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जिन छात्राओं ने उनकी कार्यकर्ता के साथ मारपीट की वे गेस्ट के रूप में होस्टल में ठहरी हुई थी। उन्होंने विवि प्रशासन से मांग की है कि 27 तक गेस्ट के तौर पर छात्राओं को होस्टल में ठहरने की अनुमति न दी जाए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक शनिवार रात साढ़े नौ बजे के करीब एसएफआई की कार्यकर्ता चुनावी प्रचार रही थीं। रेणुका होस्टल में एबीवीपी समर्थित एक कार्यकर्ता ने कहा कि नियमों के तहत साढे़ नौ बजे के बाद चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकता। छात्रा द्वारा कहा गया कि इससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। इस बात को लेकर दो गुटों में पहले कहासुनी होती रही, जिस के बाद नौबत हाथापाई तक आ पहुंची। करीब दस मिनट तक छात्राएं आपस में उलझती रहीं। इस दौरान होस्टल में काफी शोर शराबा हुआ। हास्टल वार्डन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत करवाया। विवि सिक्योरिटी इंचार्ज डीएसपी शिव चौधरी ने कहा कि छात्राओं में हल्की सी कहासुनी हुई थी। उन्होंने कहा कि दोनों संगठनों ने उन्हें लिखित में शिकायत दी है, जिसे उन्होंने जिला पुलिस को भेज दिया है। उन्होंने बताया कि इस घटना मंे किसी को भी चोटें नहीं आई हैं। मामले को मौके पर ही शांत करवा दिया गया है। इस घटना का ठीकरा दोनों संगठन एक-दूसरे पर मढ रहे हैं। एबीवीपी की राष्ट्रीय मंत्री मांचली ठाकुर ने कहा कि एसएफआई अपना जनाधार खो चुकी हैै। हार को सामने देख कर कार्यकर्ताओं पर इस तरह के हमले कर रही है। उन्होंने कहा कि वह मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। उधर एसएफआई के इकाई सचिव संजीव ने कहा कि एसएफआई की छात्रा कार्यकर्ताओं पर एबीवीपी की कार्यकर्ताओं ने हास्टल में हमला किया। उन्होंने कहा कि छात्राओं को एक कमरे में बंद कर दिया गया। इस मामले की शिकायत उन्होंने पुलिस को दी है जिस की वह निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।

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