एचपीयू में चुनावों का बहिष्कार

सिटी रिपोर्टर, शिमला

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग के छात्रों ने एससीए चुनावों का पूर्णतः बहिष्कार किया। विभाग के एक भी छात्र ने मतदान नहीं किया। छात्रों का आरोप है कि हर बार संगठनों के प्रत्याशी उनकी मांगों को प्रशासन के समक्ष उठाने के सब्जबाग दिखाते हैं। मगर हकीकत यह है कि आज तक न तो उनकी मांगों को उठाया गया है और न ही उस पर चर्चा की गई। विभाग के छात्रों ने संगठनों को इसकी चेतावनी चुनाव से पंद्रह दिन पूर्व ही दे दी थी, मगर संगठन के कार्यकर्ता इसे गंभीरता से नहीं ले रहे थे। इस विभाग में 19 मतदाता हैं। छात्रों का आरोप है कि जबसे इस विभाग की स्थापना हुई है, तबसे लेकर यहां पर एक ही नियमित शिक्षक है। एक कमरे में यह विभाग चल रहा है। प्रोफेशनल कोर्स होने के बावजूद मांगों को नहीं उठाया जाता। कला अध्यापकों के पदों में पीजी के छात्रों को योग्य नहीं माना जाता। इन मांगों को एससीए व सभी छात्र संगठन के आगे रख कर प्रशासन के समक्ष उठाने की मांग कई मर्तबा की गई है, मगर वे प्रशासन के समक्ष इसे उठाने में नाकामयाब रहे हैं। इस विभाग में बनाया गया पोलिंग बूथ दिनभर मतदाताओं की राह देखता रहा। वहीं छात्र संगठन भी छात्रों को फोन कर वोट करने के लिए संपर्क साधते रहे, मगर छात्रों ने अपना इरादा नहीं बदला। उन्होंने एक वोट नहीं डाला। विभाग के छात्र पवन कुमार, वंदना, अंजना व पूजा ने बताया कि छात्र संगठन व एससीए उनकी मांगों से अनभिज्ञ नहीं है। उन्होंने कहा कि हर बार सब्जबाग दिखाने से वे तंग आ चुके हैं। वोट न डालने के बारे में उन्होंने सभी संगठनों को पूर्व में ही सूचना दे दी थी।

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