एनएसयूआई के विस्फोट से हिला भगवा दुर्ग

मस्तराम डलैल, धर्मशाला

कांगड़ा जिला के भगवा दुर्ग में सेंधमारी कर एनएसयूआई ने एक अंतराल के बाद विद्यार्थी परिषद को करारी पटकनी दी है। पिछले साल भगवा ब्रिगेड ने 51 सीटें जीतकर एनएसयूआई को 18 सीटों पर समेट दिया था। इसके मुकाबले एनएसयूआई ने अपने कद में इजाफा कर जिला के 20 कालेजों में 37 सीटें जीतकर विद्यार्थी परिषद का कुनबा 33 सीटों पर समेट दिया। हालांकि एनएसयूआई का सबसे बड़े शिक्षण संस्थान एचपीयू के क्षेत्रीय केंद्र तथा चार हजार वोटर वाले धर्मशाला कालेज में सूपड़ा साफ हो गया है। पिछले वर्ष क्षेत्रीय केंद्र में संयुक्त सचिव तथा उपाध्यक्ष पदों पर विजय हासिल कर एनएसयूआई ने अपनी लाज बचाई थी।

इस वर्ष एनएसयूआई को अध्यक्ष पद तो मिल गया, लेकिन अन्य तीनों सीटें अपने चिर प्रतिद्वंद्वी भगवा ब्रिगेड से हार गई। डिग्री कालेज धर्मशाला में छात्रों की संख्या जिला के अन्यों सभी कालेजों पर हावी रहती है। जिला के इस सबसे बड़े कालेज में एनएसयूआई का खाता  खोलना तो दूर यह संगठन यहां विद्यार्थी परिषद को टक्कर भी नहीं दे पाया और इसे तीसरी पॉजीशन पर धकेल दिया गया। नगरोटा बगवां में एनएसयूआई इस वर्ष दो सीटें हार गई, जबकि पिछली बार यहां पर क्लीन स्वीप रहा था। जिला में भगवा दुर्ग में सेंधमारी के लिए पालमपुर उपमंडल के नतीजे सबसे ज्यादा प्रभावी रहे। केएलवी गर्ल्ज कालेज, पालमपुर विक्रम बतरा, राजपुर, जयसिंहपुर तथा नौरा में विद्यार्थी परिषद का सूपड़ा साफ हो गया।  इसके अलावा बैजनाथ कालेज में महज एक सीट जीत कर एबीवीपी ने बड़ी मुश्किल से अपनी लाज बचाई। नूरपुर उपमंडल में भी भगवा ब्रिगेड की चूलें हिलने लगी हैं। देहरी कालेज में लंबे समय के बाद विद्यार्थी परिषद अपना खाता भी नहीं खोल पाई और इंदौरा में इस बार उसे मात्र दो सीटों से संतोष करना पड़ा। नूरपुर कालेज में भी विद्यार्थी परिषद का इस दफा बोरी-बिस्तर पैक हो गया। ज्वालामुखी में भी भगवा दुर्ग धवस्त हो गया।

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