कम दक्ष नहीं हैं पीटीए अध्यापक

प्रदेश सरकार द्वारा टीजीटी अध्यापकों की नियुक्तियां की गईं। यही नहीं, प्रवक्ता भी बनाए गए और तो और टीजीटी कोटे से मुख्याध्यापक से प्रधानाचार्य बनाने की चौथी सूची विभाग द्वारा हाल ही में जारी की गई, जिसके लिए माननीय मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री बधाई के पात्र हैं। सरकार के इन प्रयासों से शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार को अवश्य बल मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाने के लिए कुछ वर्षों से पीटीए अध्यापक भी शारीरिक शिक्षक से लेकर प्रवक्ता श्रेणी तक अपनी सेवाएं पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्त्तव्यपरायणता से प्रदान करते आ रहे हैं। विशेषकर, हिमाचल प्रदेश के रिमोट के स्कूलों में, चाहे डोडरा क्वार या स्पीति का क्षेत्र हो चाहे सराज क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सराची हो या तहसील करसोग की अच्छी पाठशालाओं में शामिल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पांगना हो,पीटीए अध्यापक अपनी अग्रणी सेवाएं प्रदान कर शिक्षा विभाग की रीढ़ बने हुए हैं। बहुत विद्यालयों में तो पीटीए अध्यापक बच्चों के आदर्श बन चुके हैं, क्योंकि वे समय पर स्कूल जाते हैं,तन्मयता से पढ़ाते हैं और समय पूरा होने के बाद ही स्कूल छोड़ते हैं। उदाहरण स्वरूप पीटीए प्रवक्ता महंगाई के युग में मात्र 4800 रुपए वेतन लेकर सच्ची लगन एवं कर्त्तव्यपरायणता के साथ सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, इस सोच के साथ कि समस्याओं का हल भी विकास है। पीटीए अध्यापकों की चंद समस्याओं का निदान सिर्फ और सिर्फ सरकार की रहमत से ही मुमकिन है।
यदि  सरकार द्वारा ऐसा किया जाता है,
तो यह बेहतर इस्तेमाल की एक सार्थक पहल होगी।

रमन कुमार गुप्ता
राम बाग, सुंदरनगर

You might also like