कश्मीरियों का दर्द मिटाना जरूरी

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जम्मू-कश्मीर में हिंसा और तनाव बढ़ने पर गहरी चिंता जताते हुए गुरुवार को कहा कि वहां के युवकों के आक्रोश और पीड़ा को समझने और उसका समाधान करने की जरुरत है।

श्रीमती गांधी ने कहा कि राज्य में एक पूरी पीढ़ी बर्बरता और संघर्ष के बीच पली बढ़ी है। इसकी पीड़ा और आक्रोश वहां के लोगों विशेषकर युवाओं में साफ दिखाई देती है, जिसका समाधान जरूरी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बातचीत तथा आपसी समझबूझ के जरिए ही  घाटी में जारी हिंसा और दुखद मौतों के मौजूदा दौर को समाप्त किया जा सकता है।

श्रीमती गांधी यहां कांग्रेस संसदीय दल की बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए जरुरी कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई तथा वहां उठाए जाने वाले कदमों का विस्तृत ब्यौरा दिया है। पार्टी इसी को आगे बढ़ाएगी।

उन्होंने कश्मीर में हाल की घटनाओं में मरे लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे दिलों और हमारी राजनीति में जम्मू-कश्मीर का विशेष स्थान है। वहां के लोगों विशेषकर युवाओं की समस्याओं का निवारण इस समय की सबसे बड़ी जरुरत है। उन्होंने लेह में बादल फटने से जान माल की हुई भारी क्षति पर दुख जताते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा देश वहां के लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने दो दिन पहले प्रभावित इलाकों का दौरा किया है तथा उन्हें विश्वास है कि सरकार लोगों की मदद के हर संभव कदम उठाएगी विशेषकर सर्दियां आने से पहले पीडि़तों के लिए छत की व्यवस्था की जाएगी।

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