कार्टन के दामों में उछाल

नवीनचंद्र शर्मा, बंजार

महंगाई की मार से बागबान भी नहीं बच पाए हैं। उपमंडल बंजार व आनी में इस वर्ष सेब के कार्टन दाम में काफी उछाल आया है। गत्ते के कार्टन व लकड़ी की पेटियों के दाम में तीन से छह रुपए तक वृद्धि हुई है। हालांकि इस वर्ष सेब की बंपर फसल है, मगर कई स्थानों पर ओलावृष्टि से काफी नुकसान भी हुआ है। ऐसे में सेब की पैकिंग कार्टन का महंगा होना बागबानों के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जा रहा है। महंगाई बढ़ने पर ट्रक आपरेटरों ने भी सेब ढुलाई का भाड़ा काफी बढ़ा दिया है। गत वर्ष लकड़ी की पेटी की कीमत उपमंडलों में 27 से लेकर 30 तक थी, जबकि इस वर्ष इसका दाम बढ़कर 30 से 34 रुपए पहुंच गया है।गत वर्ष गत्ते के कार्टनों की कीमत 31 से लेकर 37 रुपए तक थी, जबकि इस वर्ष इसके दामों में 33 से 37 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है।

उपमंडलों के प्रगतिशील बागबान राकेश मोदगिल, महेंद्र सिंह, विश्वादेव शर्मा, वेद प्रकाश, महेश्वर सिंह आदि ने बताया कि वारदाना महंगा होने से बागबानों पर आर्थिकी दबाव पड़ रहा है। इसी के साथ रद्दी, मजदूरी, कीलें, तुड़ान, ढुलान, पैकिंग तथा किराया आदि सभी बढ़ गए हैं। साथ में ओलावृष्टि व आंधी-तूफान ने सेब की बंपर फसल को भी काफी नुकसान पहुंचाया है, जिससे बागबानों की आर्थिकी पर असर पड़ा है।

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