किसके सहारे कटेगी जिंदगी

मंडी। हटनाला ट्रक हादसे में एक परिवार की चार सगी बहनें ही घर पर अकेली रोने के लिए ही बच गई हैं। इनमें एक बहन जोनल अस्पताल में मृत्यु से जंग लड़ रही है, जबकि दूसरी बहन हीना रत्ती अस्पताल में जिंदगी से लड़ाई लड़ रही है।

बताया जा रहा है कि इस हादसे में उनकी मां का निधन हो गया है, जबकि उनकी एक बहिन प्रियंका भी अस्पताल मंडी में दम तोड़ गई है। यह परिवार सिध्याणी के सुभाष का है, जो अढ़ाई साल पहले काल का ग्रास बन गया था। अब ट्रक हादसे ने उस विधवा को निगल लिया है, जबकि इसी हादसे में बेटी प्रियंका भी चल बसी है। अब घर में दो बेटियां निशा और ममता शेष रह गई हैं जो अपनी मां और बहनों का रास्ता देख रही है। इन चार सगी बहनों का कौन भरण-पोषण करेगा, यह सवाल चारों के सामने खड़ा है। बाप का साया पहले ही उठ गया था, अब मां का साया भी उठ चुका है।

कौन मां और बहन प्रियंका के अंतिम संस्कार के बाद होने वाली रस्मों को निभाएगा। उधर, लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि लावारिस बची चारों सगी बहनों के लिए पुख्ता प्रबंध करे, ताकि वे यह महसूस नहीं कर सकें कि उनकी कोई देख-रेख नहीं कर रहा है।

बहरहाल ट्रक हादसे ने चार बहनों के सिर से बाप के बाद मां का साया भी छीन लिया है। अब उन्हें भविष्य की चिंता भी सताने लगी है।

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