किसानों का मुआवजा बढ़ा, फिर भी आंदोलन नहीं थमा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से यमुना एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के लिए अधिक मुआवजे की मांग पूरी करने के बावजूद किसानों का आंदोलन कम होने का नाम नहीं ले रहा है और इसकी आग अब मेरठ तथा गाजियाबाद तक पहुंच गई है।

राजनीतिक दलों ने भी इसे अपनी तरह से हवा देते हुए किसानों के आंदोलन को पूरा समर्थन देने का फैसला किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने आगामी 26 अगस्त को संसद के घेराव का ऐलान किया है, जबकि कांग्रेस 23 अगस्त को अलीगढ़ में किसान रैली करेगी।

यमुना एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के लिए नोयडा की तरह मुआवजा देने की मांग अलीगढ़, मथुरा और आगरा के किसान कर रहे थे, लेकिन अब गाजियाबाद और मेरठ के किसानों ने भी मुआवजा ज्यादा देने के लिए आंदोलन शुरू कर दिया है। मायावती सरकार ने यमुना एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहित जमीन पर आगरा के किसानों की मुआवजा राशि 121 रूपया प्रति वर्गमीटर बढ़ा दी।

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