कुल्लू को छोड़ भगवा आंधी में सब उड़े

आशीष शर्मा, कुल्लू

छात्र संगठन चुनावों में प्रदेश में जहां 90 फीसदी कालेजों में भगवा ब्रिगेड ने जीत के झंडे गाड़े, वहीं जिला कुल्लू में भगवा ब्रिगेड ने अपने दस वर्षों का रिकार्ड कायम रखा। जिला के चार महाविद्यालयों में से जहां तीन में विद्यार्थी  परिषद के पूरे पैनल जीत कायम करने में सफल रहे, वहीं विद्यार्थी परिषद का गढ़ कहलाए जाने वाले कुल्लू कालेज में इस बार परिषद के नेताओं का जादू नहीं चल सका और एनएसयूआई से पटकनी खाते हुए औंधे मुंह गिरे। पिछले वर्ष की तुलना में जहां उक्त कालेज में अध्यक्ष व महासचिव पद पर एबीवीपी का कब्जा हुआ था और दो सीटें एनएसयूआई झटक गई थी। वहीं इस वर्ष विद्यार्थी परिषद इस कालेज में सात वर्ष पीछे चली गई है। वर्ष 2003 में विद्यार्थी परिषद कुल्लू कालेज में मात्र एक सीट ही झटक पाई थी। जिला के अन्य तीन कालेजों की बात करें, तो बंजार व आनी में विद्यार्थी परिषद चारों सीटों पर अपना कब्जा जमाते हुए इन कालेजों में बढ़त लेकर गढ़ बनाने में लग गई है।

भले ही जिला के तीन कालेजों में विद्यार्थी परिषद ने बाजी मारी हो, लेकिन 4714 छात्रों के सबसे अधिक संख्या वाले जिला के कुल्लू कालेज में विद्यार्थी परिषद अपना इतिहास दोहराने में इस वर्ष पूरी तरह विफल हुई है। परिषद के कार्यकर्ता इस हार को कबूल करते हुए, इसे हाईकमान की उक्त कालेज में प्रतिनिधियों को उतारने के  लिए किए गए हस्ताक्षेप पर इसका ठीकरा भी फोड़ रहे हैं।

कुल्लू कालेज में एनएसयूआई
जहां इस वर्ष अध्यक्ष व महासचिव का पद झटकने में कामयाब
हुई है। वहीं एसएफआई ने भी इस कालेज में तीन वर्षों बाद उपाध्यक्ष का पद झटककर अपना खाता पुनः खोल दिया है। जिला के तीन-तीन विधायकों व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के घर में ही उनकी प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी भगवा ब्रिगेड को जीताने के प्रश्न में उन्हें तीन कालेजों में तो पूरी तरह सफलता हासिल हुई, लेकिन घर के कालेज में ही एनएसयूआई से मात खाकर उनकी यह जीत फीकी साबित हो गई। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पंडित खीमी राम, विधायक गोविंद ठाकुर, विधायक किशोरी लाल जिला में भगवा ब्रिगेड के तीन कालेजों में भगवा फहराने की बात पर कार्यकर्ताओं को इसका श्रेय  तो दे रहे हैं। वहीं कुल्लू कालेज में हुई विद्यार्थी परिषद की हार पर इसका ठीकरा वह कार्यकर्ताओं व थोड़ी सी अव्यवस्था बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

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