कुल्लू देव सदन आज भी मूलभूत सुविधाओं से महरूम

बंजार। कुल्लू जिला के पांच ब्लाकों नग्गर, कुल्लू, बंजार, आनी व निरमंड आदि के देव समाज से जुड़े देवता कारकूनों की सुविधाओं के लिए जिला मुख्यालय में बनाए गए देवसदन में रात्रि ठहराव के लिए कारदारों को सुविधा नहीं मिल रही है, क्योंकि देवसदन बनने के बाद आज तक सीवरेज निकासी का कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हुआ है, जिससे कुल्लू जिला देवी-देवता कारदार संघ आहत है। जिला में देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष नरोत्तम नेगी, उपप्रधान शेर सिंह, संयुक्त सचिव मोहर सिंह विष्ट आदि ने बताया कि बड़े दुःख की बात है कि देवसदन बनने के पांच साल बाद भी सरकार ने सीवरेज निकासी की सुविधा जुटाना यहां उचित नहीं समझा, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के शासनकाल में पांच मंजिला देवसदन छह-सात महिनों में ही तैयार किया गया था। मगर सत्ता परिवर्तन के तीन वर्ष बाद भी वर्तमान सरकार ने देवसदन में सीवरेज निकासी की पहल तक नहीं की है, जिसके कारण आनी, निरमंड, बंजार, सैंज, मनाली, मणिकर्ण जैसे दुर्लभ ग्रामीण क्षेत्रों से देव कार्य को निपटाने के लिए जिला मुख्यालय कुल्लू पहुंचाने वाले देवता कारकूनों व कारदारों को देवसदन में ठहरने को जगह नहीं मिल रही है। देवी-देवता कारदार संघ जिला कुल्लू के प्रवक्ता टीसी महंत ने बताया कि जब उपरोक्त क्षेत्रों के कारदार देवसदन में ठहरने की अनुमति लेने के लिए जिला भाषा अधिकारी के कार्यालय से संपर्क करते हैं, तो उनका साफ शब्दों में कहना होता है कि जब तक सीवरेज की सुविधा देवसदन में नहीं होगी, तब तक हम कमरा नहीं दे पाएंगे। टीसी महंत ने बताया कि भाषा विभाग ने देवसदन को सीवरेज से जोड़ने संंबंधित दस्तावेज सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को भेज दिए हैं, लेकिन अब मामला आईपीएच और लोक निर्माण विभाग के कार्यालयों में लटका पड़ा है, जो न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने देवसदन की रखरखाव समिति के अध्यक्ष उपायुक्त कुल्लू से मांग की है कि दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों से देव कार्य को निपटाने कुल्लू पहुंचने वाले कारदारों व कारकूनों की सुविधा के लिए शीघ्र देवसदन में सीवरेज निकासी की सुविधा जुटाई जाए, क्योंकि जिला कुल्लू में बना देवसदन जिलाभर के 400 कारदारों व हारियानों के अथक प्रयास से बना है, लेकिन अब उन कारदारों को ही ठहरने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं, जिससे कुल्लू जिला के देव समाज में सरकार के प्रति भारी आक्रोश पनप रहा है।

You might also like