कुल्लू में आसमान से बरसी आफत

कुल्लू। इस बार भी बारिश ने कुल्लू में खूब तबाही मचाई। सबसे ज्यादा नुकसान पीडब्ल्यूडी को हुआ है। लगभग नौ करोड़ की सड़कें भारी बारिश ने नष्ट कर दीं, जबकि छह करोड़ की फसलें तबाह हुई हैं। जिलाभर में इस बार बरसात ने 46 घरों में रह रहे परिवारों से छत छीन ली। राजस्व विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो पिछले दो वर्षों में इस बार के नुकसान के अलावा 366 करोड़ 59 लाख रुपए का जिला कुल्लू में प्राकृतिक आपदाओं के चलते नुकसान हुआ है। इसकी एवज में सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं की क्षतिपूर्ति के लिए 11 करोड़ 87 लाख 26 हजार रुपए की राहत राशि जिलाधीश के माध्यम से आबंटित की है। विभागीय जानकारी के अनुसार इस बार कुल्लू सब-डिवीजन में बरसात के चलते 20 घर तबाह हुए और दो करोड़ रुपए की फसलों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा दो करोड़ 28 लाख रुपए की सड़कें बर्बाद हुईं। इसी तरह मनाली सब-डिवीजन में फसलों का सबसे ज्यादा 50 लाख रुपए का नुकसान, जबकि 34 लाख की सड़कें बर्बाद हुई हैं। बरसात बंजार सब-डिवीजन में भी कहर बनकर बरसी। उक्त सब-डिवीजन में 23 घरों को बरासत ने तहस-नहस किया, जबकि फसलों को डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ। इसके अलावा दो करोड़ 14 लाख रुपए  का नुकसान सड़कों का हुआ। आनी तथा निरमंड सब-डिवीजन में सबसे ज्यादा नुकसान सड़कों को हुआ है। चार करोड़ चार लाख रुपए का नुकसान सड़कों का हुआ, जबकि फसलों का दो करोड़ का नुकसान किसानों-बागबनों को झेलना पड़ा। दोनों उपमंडलों में तीन घर बरसात के कारण तहस-नहस हुए। इसके अलावा पांचों उपमंडलों में 22 लाख रुपए का अतिरिक्त नुकसान हुआ है। बात करें पिछले दो वर्षों की तो पीडब्ल्यूडी को 26.80 करोड़ रुपए का नुकसान, आईपीएच को 2.37 करोड़, कृषि विभाग को 172.40 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा, जबकि बागबानी विभाग में 165.2 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। यानी इस बार के नुकसान के अलावा पिछले दो वर्षों में 366.59 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

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