कोठिया-जाजर में समझाई एड्स

 राजगढ़ राज्य समाज कल्याण बोर्ड शिमला के सौजन्य तथा आरुशि ग्रामीण संस्था के सहयोग से चलाए जा रहे आठ दिवसीय जागरूकता शिविर के तहत कोठिया-जाजर में आईसीटीसी की काउंसिलर आरती आलोक ने उपस्थित महिलाओं तथा पुरुषों को एचआईवी तथा एड्स बारे जागरूक किया। आरती आलोक ने बताया कि 1982 में एचआईवी की पहचान हुई तथा 1986 में इसने भारत में भी दस्तक दे दी। आरती आलोक ने बताया कि सिरमौर के अंदर 40 एचआईवी से पीडि़त मरीजों की पहचान कर ली गई है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि एड्स के बारे में आपस में खुलकर बातें करें, ताकि इस बीमारी से बचा जा सके।

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