कोरिया में हिमाचली छात्रा का डंका

शिमला। शिमला की आरकेएमवी की छात्रा ने इंडो कोरियन यूथ एक्सचेंज कार्यक्रम में प्रदेश की ओर से देश का प्रतिनिधित्व करके यह साबित कर दिया है कि अब बेटियां भी किसी से पीछे नहीं हैं। बीए तृतीय वर्ष की छात्रा निशा पाल इंडो कोरियन यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में थी। निशा पाल का भारत सरकार के युवा और खेल मंत्रालय द्वारा चयन किया गया था। वह कोरिया में 12 अगस्त से भारतीय युवा प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में दौरे पर थीं, जो 20 अगस्त को शिमला वापस लौट आया। इस दौरे में 20 सदस्यीय भारतीय युवा प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य कोरिया में विभिन्न स्थानों की यात्रा करना तथा वहां पर विश्व भर से आए युवाओं के साथ आपसी सहमति, मित्रता, विचारों तथा अनुभवों का आदान-प्रदान करना, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शस्त्र, निशस्त्रीकरण व अन्य देशों की संस्कृति आदि  से भली भांति परिचित होना तथा विभिन्न क्षेत्रों में उन्नति और विश्व शांति को बढ़ावा देना इत्यादि पर विचार-विमर्श का कार्यक्रम था, जो निशा ने बखूबी निभाया। निशापाल  का चयन प्रदेश के युवाओं के लिए गौरव का विषय है, जो हिमाचल के युवाओं को सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर सक्रिय रूप से हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करेगा। प्रदेश सरकार को भी चाहिए कि निशा पाल के चयन को प्रोत्साहित करे। निशापाल के मुताबिक दौरे के दौरान उन्हें हिमाचल की संस्कृति की व्याख्या करने में खूब आनंद आया व इस बात पर गर्व महसूस हुआ कि वह हिमाचल की बेटी है। निशा पाल के पिता नरेंद्र पाल का कहना है कि निशा की बचपन से ही सामाजिक कार्यों में रुचि थी, जिसके कारण वह एनएसएस की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं।

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