खराब टै्क्टर बेचने पर लौटाने होंगे दो लाख

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, शिमला

जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश शिमला सुरेश्वर ठाकुर ने खराब टै्रक्टर बेचने पर 50 हजार रुपए की राशि हर्जाने के रूप में भरने के आदेश दिए हैं। सुन्नी-घरयाणा निवासी प्रोमिला शर्मा द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई करते हुए मैसर्ज किसान सेवा केंद्र बरयाना नालागढ़ एवं मैसर्ज अमर ट्रैक्टर्ज लिमिटिड लुघियाना के  विरुद्ध खराब ट्रैक्टर बेचने और अन्यायपूर्ण व्यापार के  प्रयास के लिए उपभोक्ता को दो लाख छह हजार रुपए की राशि को नौ प्रतिशत ब्याज के साथ 45 दिनों में वापस करने तथा दो हजार रुपए की राशि मुकदमे के खर्चे के रूप में अदा करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस फैसले में  50 हजार रुपए की राशि हर्जाने के रूप में अदा करने के भी आदेश दिए हैं। मुकदमे के अनुसार घरयाणा सुन्नी निवासी प्रोमिला शर्मा ने स्वरोजगार चलाने के लिए मैसर्ज किसान सेवा केंद्र बरयाना, नालागढ़, मैसर्ज अमर ट्रैक्टर प्राइवेट लिमिटिड लुधियाना से 14 मई, 2007 को एक लाख 56 हजार रुपए की राशि का ट्रैक्टर और 50 हजार रुपए की ट्राली खरीदी। उपभोक्ता  ने शिकायत में आरोप लगाया कि ट्रैक्टर खरीदने के बाद जब प्रयोग किया, तो शुरू से ही उसमें खराबियां आने लगीं, जिनकी शिकायतें विक्रेता को बार-बार की गईं और उनके मेकेनिक ने भी उसे देखा, लेकिन मरम्मत के बावजूद ट्रैक्टर ठीक नहीं हुआ और उसे मरम्मत के लिए कंपनी की कार्यशाला में छोड़ दिया, जो तब से वहीं पड़ा है। प्रतिवादी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने ट्रैक्टर को निर्माण सामग्री एवं अन्य सामान की ढुलाई के लिए दुरुपयोग किया, जबकि उसका निर्माण कृषि कार्य के लिए किया गया है।  उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष ने फैसले में कहा कि प्रतिवादी इस बात को साबित करने में असफल रहे हैं कि ट्रैक्टर को निर्माण सामग्री तथा अन्य भारी  सामान की ढुलाई के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब ट्रैक्टर प्रतिवादी से खरीदा गया, तो उनका दायित्व था कि वह इसे प्रयोग योग्य बनाते, जिसमें वह असफल रहे हैं।

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