खाकी के पहरे में चुनी छात्र संसद

स्टाफ रिपोर्टर, शिमला

विश्वविद्यालय सहित शिमला जिला के 13 कालेजों में छात्र संगठन चुनाव पुलिस के कड़े पहरे के बीच करवाए गए। एससीए चुनाव के दिन सुबह से ही विश्वविद्यालय व कालेजों में पुलिस का पहरा रहा। शिमला शहर के चार कालेज विश्वविद्यालय व एक सांध्यकालीन कालेज में दो एएसपी व छह डीएसपी ने कमान संभाली हुई थी। इसके अलावा कालेज क्षेत्र के संबंधित थाना प्रभारी भी एससीए चुनाव पर बराबर नजर रखे हुए थे। विश्वविद्यालय में सुरक्षा दृष्टि से डीएसपी शिव चौधरी, डीएसपी (सिटी) विजय कुमार, बटालियन के डीएसपी शमशेर सहित बालूगंज थाना प्रभारी ने शांतिपूर्वक एससीए चुनाव संपन्न करवाने का जिम्मा उठाया था। इनकी देखरेख में करीब 70 जवानों को तैनात किया गया था। इसके अलावा अन्य
सभी कालेजों में 15 से 20 जवानों को तैनात किया गया था। राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा में डीएसपी हैडक्वार्टर अशोक वर्मा के नेतृत्व में 15 जवान मोर्चा संभाले हुए थे, जबकि संजौली कालेज की सुरक्षा संबंधी कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मदन लाल को सौंपी गई थी। राजकीय कन्या महाविद्यालय में हिंसक वारदात को रोकने व चुनाव शांतिपूर्वक निपटाने का कार्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार धीमान को सौंपा गया था, जबकि संस्कृत कालेज के एससीए चुनाव के शांतिपूर्वक माहौल कायम करने के लिए डीएसपी ट्रैफिक की देखरेख में दस जवान तैनात किए गए थे। छात्र संघ चुनाव में हिंसक वारदात, कालेज कैंपस में नारेबाजी व संगठनों के बीच होने वाली झड़प रोकने में पुलिस कामयाब रही। कालेज कैंपस में पुलिस ने किसी भी छात्र संगठन को नारेबाजी नहीं करने दी। कालेज कैंपस में आने वाले प्रत्येक छात्र को पहचानपत्र की जांच के बाद ही कैंपस में प्रवेश करने दिया गया। हालांकि कन्या महाविद्यालय में छात्राओं ने कैंपस के अंदर ही नारेबाजी करनी शुरू कर दी थी, लेकिन पुलिस ने इन्हें कैंपस से
बाहर खदेड़ने की बात कह कर शांत कर दिया।

उधर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेंद्र मोहन शर्मा का कहना है कि एससीए चुनाव को लेकर भारी संख्या में प्रत्येक कालेजों व विश्वविद्यालय में पुलिस जवान तैनात किए गए थे। छात्र संगठन के परिणाम आने के बाद ही पुलिस पहरा हटाया गया।

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