खाद्य तेल लुढ़के, चीनी में नरमी का रूख

नई दिल्ली। विदेशों में कारोबार गिरने, देश में सोया का रकबा बढ़ने और ग्राहकी टूटने से बीते सप्ताह में दिल्ली थोक जिंस बाजार में खाद्य तेलों की कीमतें 230 रुपए प्रति क्विंटल तक लुढ़क गईं। आवक बढ़ने के कारण चीनी में खामोशी रही और चना बाजार उतार-चढ़ाव के बाद स्थिरता में बंद हुआ। गेहूं के दामों में दस रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा दर्ज किया गया। आलोच्य सप्ताह के दौरान अमरीका और मलेशिया में खाद्य तेलों के बाजार गिरने के समाचार मिलते रहे। इस देश में जुलाई में आयातित किए गए वनस्पति तेलों से बाजार पटे पडे़ हैं। इससे आलोच्य सप्ताह के दौरान खाद्य तेलों के स्थानीय बाजार में मंदी का रुख रहा। बिनौला तेल 210 रुपए, मूंगफली तेल 200 रुपए, सरसों तेल 60 रुपए, चावल छिलका तेल 50 रुपए, सोया रिफाइंड 200 रुपए, सोया डीगम 100 रुपए और पाम आयल 230 रुपए प्रति क्विंटल लुढ़क गए। हालांकि तिल तेल के दामों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। आलोच्य सप्ताह के दौरान मीठे के थोक बाजार में खामोशी छाई रही। मानसून की बरसात बढ़ने के कारण गन्ने का रकबा बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। बाजार में माल की आवक बनी हुई है। देश में चीनी का उत्पादन और उपलब्धता बढ़ने की संभावना है। सरकार का चीनी का निर्यात खोलने और आयात पर शुल्क लगाने की जल्दबाजी में नहीं है। आलोच्य सप्ताह के अंत तक चीनी के भावों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सप्ताह के अंत में चीनी (एस 30) 2650-2700 रुपए,चीनी (एम 30) 2650-2800 रुपए और मिल डिलीवरी 2550-2650 रुपए प्रति क्विंटल पर दर्ज की गई।

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