खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति में गिरावट

नई दिल्ली। मानसून के दौरान देश के अधिकांश हिस्से में बारिश होने से खरीफ फसलों के रकबे में वृद्धि होने से दाल दलहन और तिलहन की कीमतों में गिरावट आने से गत सात अगस्त के समाप्त सप्ताह में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति 1.05 प्रतिशत घटकर 10.35 प्रतिशत पर रही। गुरुवार को यहां जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार इससे पिछले सप्ताह में यह 11.40 प्रतिशत पर रही थी। खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति लगातार दूसरे सप्ताह दो अंकों में बनी रही है। इससे पहले एक पखवाडे़ तक यह इकाई अंक में थी। आलोच्य सप्ताह में मूंग और मसूर की कीमतों में दो-दो प्रतिशत तथा उड़द एवं बाजरा की कीमतों में एक-एक प्रतिशत की कमी आने के बावजूद मक्का की कीमतों में दो प्रतिशत, चाय, चावल, समुद्री मछली और मसालों की कीमतों में एक-एक प्रतिशत की वृद्धि होने से खाद्य पदार्थों का सूचकांक 0.2 प्रतिशत बढ़ गया। सोयाबीन की कीमतों में 14 प्रतिशत, कच्चा सिल्क चार प्रतिशत और चारा एवं तिल की कीमतों में एक-एक प्रतिशत की गिरावट आने से गैर खाद्य पदार्थों के सूचकांक में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई है। हालांकि इस समूह में शामिल मूंगफली की कीमत दो प्रतिशत, नारियल और रबड़ की कीमतों में एक-एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस अवधि में ईंधन, पावर, लाइट और ल्यूब्रिकेंट्स समूह का सूचकांक 0.1 प्रतिशत कम हो गया है। बीते सप्ताह यह 12.57 प्रतिशत पर रहा, जबकि इससे पिछले सप्ताह में यह 12.66 प्रतिशत पर रहा था। इस समूह में शामिल नाफथा की कीमतों में तीन प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि विमानन ईंधन की कीमत तीन प्रतिशत और फर्नेस आयल की कीमत दो प्रतिशत बढ़ गई।

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