खुशियों की बारात में दबे पांव आई मौत

मंडी। जिदंगी में खुशियों के रंग भरने की तमन्ना को पूरा करने की चाहत में ही पलक झपकते ही लोग लाश बन गए। खुशियों की सौगात में दबे पांव चली आई मौत ने ऐसा तांडव किया कि कोई भी उसके प्रहारों से नहीं बच पाया। पलक झपकते ही हटनाला गांव श्मशान बन गया और मौत के तांडव में बच्चे, बूढे़ और महिलाएं सभी गहरी नींद ऐसे सोए की अब कभी नहीं उठ पाएंगे। गुरकोठा के पास हुए ट्रक हादसे में मौत ने ऐसा खेल खेला कि जिंदगी पल भर में लाशों के ढेर में परिवर्तित हो गई। इस ट्रक में तकरीबन 80 लोग सवार थे और इनमें सबसे ज्यादा बच्चे और महिलाओं की संख्या थी। मौत ने जब इस ट्रक को अपने पंजे में दबोचा तो यह लोग एक बच्चे के नामकरण समारोह से वापस अपने घर भावत गांव में जा रहे थे। इन अभागांे को यह भी आभास नहीं था कि गुरकोठा से निकलते ही हटनाला के पास मौत का कहर टूट पडे़गा। खुशियों के गीत गाते ये लोग घर वापसी की उम्मीद में ट्रक में सवार तो हो गए, लेकिन पलभर में सब कुछ खत्म हो गया। मौत का यह तांडव बुधवार को हुआ। गंभीर रूप से घायल लोगों को आईजीएमसी शिमला और पीजीआई चंडीगढ़ रैफर किया गया है। बुधवार की रात्रि करीब एक बजे चार घायलों को दो एंबुलेंस के सहारे पीजीआई उपचार के लिए भेजा गया है। हटनाला गांव कैसे श्मशान बना और यहां पर किसकी गलती से जिंदगी लाश बन गई, इसका अभी तक कोई खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस इस हादसे की छानबीन में जुटी हुई है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि इसके बाद जिला में ऐसा हादसा दोबारा न हो।

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