गांधीगिरी पर उतरा निरमंड

रामपुर बुशहर।  दस वर्षों से सड़क निर्माण कार्य पूरा न होने पर निरमंड तहसील के इशवा, ठारधार, धारागाई, कुल्था, कंडा व कलमोर समेत छह गांवों के बाशिंदें अब गांधीगिरी पर उतर आए हैं। ‘सड़क नहीं तो अन्य सुविधाएं नहीं’ का नारा लगाते हुए ग्रामीणों ने सरकार द्वारा दी जा रही विभिन्न सुविधाओं का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में ग्रामीणों ने सबसे पहले विद्युत सुविधा का बहिष्कार किया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अगस्त माह का बिजली बिल का भुगतान नहीं करेंगे। विभाग चाहे, तो ग्रामीणों के कनेक्शन काट सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दस वर्षों सबसे पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जा रहा नौणी-राहणू सड़क मार्ग का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि इस बारे में ग्रामीण मंत्रियों, विधायकों, सांसदों व स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से कई वर्षों से मांग कर रहे हैं, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क मार्ग न होने की बजह से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार उस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। यहां तक कि ग्रामीण जमीन संबंधी एफेडेविट जमा करवा चुके हैं तथा वन विभाग ने भी पेड़ों को चिन्हित कर काट दिया है, फिर भी सड़क मार्ग  अधूरा ही है। इसके चलते ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि जब तक सड़क मार्ग का कार्य ठीक तरह से शुरू नहीं किया जाता, तब तक सभी ग्रामीण सरकारी सुविधाओं का बहिष्कार करेंगे। विद्युत सुविधा के बाहिष्कार के बाद अब ग्रामीण एक महीने के पश्चात कंडा, कलमोर व इश्वा के सरकारी विद्यालयों से बच्चों को निकाल लेंगे। उसके पश्चात पानी, सरकारी राशन, पहचान पत्र व स्थानीय निकायों का भी बहिष्कार किया जाएगा। सड़क संघर्ष समिति निरमंड ने कहा कि सरकार जब तक सड़क निर्माण कार्य पर ध्यान नहीं देगी, तब तक सरकार द्वारा दी जा रही सभी सुविधाओं का बहिष्कार किया जाएगा।

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