गुरु

तीन लोक में गुरु सर्वश्रेष्ठ हैं।

सत्यपथ का मार्ग दिखलाते हैं।

नई राहों पर चलना सिखाते हैं।

हर मुश्किल में सहायक बन जाते हैं।

तीन लोक में गुरु सर्वश्रेष्ठ हैं।

सच्चे मित्र की भांति साथ निभाते हैं।

श्रद्धाभाव दिल में बसाते हैं।

ईर्ष्या द्वेष को मिटाते हैं।

तीन लोक में गुरु सर्वश्रेष्ठ हैं।

भावमय, ज्ञान भरी बातों के अक्षय
भंडार हैं।

विचारों में निरालापन एवं प्रवाह है।

भूले भटके को राह दिखलाते हैं।

तीन लोक में गुरु सर्वश्रेष्ठ हैं।

नहीं शब्दों की सीमा में इनका
बखान है।

कार्य शुभारंभ में गुरु को प्रणाम है।

युगों-युगों से यही पहचान है

तीन लोक में गुरु सर्वश्रेष्ठ एवं
महान हैं।

अंजु बाला, मुकेरियां

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