गौशाला में प्रकट हुई तीन पिंडियां

नवीन कालिया, चिंतपूर्णी

इसे माता चिंतपूर्णी का चमत्कार कहें अथवा भक्तों की अटूट श्रद्धा। चिंतपूर्णी से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव अमोकला प्रीतम की पशुशाला में प्रकट हुई तीन पींडिंयों ने समूचे क्षेत्र के माहौल को भक्तिमय बना दिया है। जमीन से प्रकट हुई पींडिंयों को देखने के लिए भक्तों का तांता लग गया है। आसपास के गांवों के लोग इन पींडिंयों के दर्शन करने यहां पहुंच रहे हैं। गांव के प्रधान जगदीश महाशा ने मामले की पुष्टि की है। मां के भक्तों ने जमीन से प्रकट हुई तीनों पींडिंयों को माता चिंतपूर्णी, माता वैष्णो देवी तथा माता शीतला देवी का नाम रखकर उनकी पूजा अर्चना शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक गांव अमोकला प्रीतम के स्थानीय निवासी भगत राम की छोटी बेटी (सोनू) की नवरात्रों के दौरान तबीयत बिगड़ने लगी। सोनू को माता चिंतपूर्णी ने स्वप्न में दर्शन दिए और कहा कि पशुशाला में जहां वह गाय को बांधती है, उसके समीप देशी घी की जोत जलाकर खुदाई करे। सोनू ने स्वप्न में आई मां के आदेशानुसार ज्योति जला कर दोनों हाथों से मिट्टी निकालनी शुरू की, तो वहां पत्थरनुमा पिंडी विराजमान थी, जिसे देख कर सभी हक्के-बक्के रह गए। चंद ही मिनटों में यह खबर पूरे गांव में आग की तरफ फैल गई। जानकारी के मुताबिक सोनू को अगले दिन फिर से माता ने सपने में प्रकट होकर उसकी पिंडी के समीप एक अन्य पिंडी की खुदाई के आदेश दिए। खुदाई के दौरान एक और पिंडी प्रकट हुई। एक सप्ताह के पश्चात यही घटना फिर हुई, सोनू के स्वप्न में देवी मां ने दर्शन देकर उसे तीसरी जगह खुदाई के आदेश दिए। सोनू ने आदेशानुसार पशुशाला में तीसरे स्थान पर खुदाई की, तो वहां पर एक और पिंडी प्रकट हुई। तीनों पिंडिंयों को देखने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया है। लड़की सोनू ने बताया कि सबसे पहले उसे माता चिंतपूर्णी ने सपने में दर्शन दिए थे। दूसरी दफा उसे माता वैष्णों देवी ने दर्शन दिए, जबकि तीसरी बार उसे शीतला माता ने दर्शन दिए। तीनों पिंडिंयों के आगे अखंड ज्योति जलाई गई है तथा श्रद्धालु इस चमत्कार को देखने के लिए दूर-दूर से आ रहे हैं।

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