घरेलू हिंसा के 156 मामले दर्ज

स्टाफ रिपोर्टर, कुल्लू

प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष अंबिका सूद ने जिला संरक्षण अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से संबंधित प्रताड़ना के मामलें समय रहते हल करें। प्रदेशाध्यक्ष ने गुरुवार को बचत भवन में जिला प्रशासन के साथ बैठक की तथा महिलाओं की समस्याओं के निदान के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। आयोग की प्रदेशाध्यक्ष ने बैठक के दौरान जिला में महिलाओं के साथ हुई घरेलू हिंसा की जानकारी मांगी। इस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इस समय अक्तूबर 2008 से जुलाई 2010 तक   घरेलू हिंसा एक्ट 2005 के तहत 156 केस रजिस्टर हुए हैं। इनमें 40 लोगों को सजा हुई है। इस दौरान अंबिका सूद ने पुलिस प्रशासन व जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा संरक्षण अधिकारियों को ये आदेश दिए कि महिलाओं से संबंधित मामले ज्यादा से ज्यादा काउंसिलिंग के आधार पर निपटाने के प्रयास किए जाएं तथा जो ज्यादा मामले बिगड़े हैं, उनको हल करने में कोताही न बरती जाए। इस दौरान एसपी कुल्लू ने बताया कि 40 रेप के केस तथा किडनैपिंग के 41 केस के साथ-साथ महिलाओं से छेड़छाड़ के मामले 44 दर्ज हैं। किडनैपिंग के 29 मामले रद्द हो गए, जबकि 49 हल कर लिए गए हैं।  आयोग की अध्यक्ष अंबिका सूद ने कहा कि इसके लिए आयोग द्वारा समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाती हैं तथा इन बैठकों में आए सुझावों पर गंभीरता से विचार करके कार्रवाई करने से बेहतर परिणाम आयोग के समक्ष आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में हिमाचल प्रदेश में महिलाओं की स्थिति बेहतर है तथा आयोग द्वारा इस स्थिति को बेहतरीन बनाने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होेंने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं के कल्याण तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेकों योजनाएं आरंभ की हैं। इन योजनाओं के चलते महिलाओं की स्थिति में पारिवारिक, सामाजिक व आर्थिक स्तर पर उत्थान हो रहा है। इस अवसर पर उपायुक्त बीएम नांटा, एसपी केके इंदौरिया व एसडीएम आरके पुरथी उपस्थित थे।

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