चल भैंजी पैदल ही चली पौंदियां

टीम-जवाली, नगरोटा सूरियां, पंचरुखी

सरकार द्वारा हालांकि विशेष त्योहारों जैसे रक्षाबंधन, करवाचौथ व भैयादूज के अवसर पर महिलाओं को बस में मुफ्त यात्रा करने की घोषणा की गई है और इस घोषणा को अमलीजामा भी पहनाया गया है, लेकिन हकीकत की धरा पर देखा जाए तो मंजर कुछ और ही है। मंगलवार को रक्षाबंधन के सुअवसर पर हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा सरकारी बसों के चालकों व परिचालकों को साधारण सरकारी बसों में महिलाओं की निःशुल्क यात्रा के निर्देश भी दिए गए, लेकिन महिलाओं को उस समय मायूसी हाथ लगी जब वे अपने भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधने हेतु बस के इंतजार में बस ठहरावों पर खड़ी रहीं और बसें ही नहीं रुकीं। भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधने हेतु जाने वाली महिलाओं संतोष कुमारी, निर्मला देवी, कमला कुमारी, अनीता देवी, संगीता, अंजु इत्यादि सहित काफी संख्या में महिलाएं इस बात को लेकर सरकार को कोसती देखी गईं कि अगर सरकारी बसें बस ठहरावों पर खड़ी ही नहीं करनीं तो इस घोषणा का औचित्य ही क्या है। इस बारे में मंडलीय प्रबंधक धर्मशाला पंकज सिंघल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि समस्त सरकारी साधारण बसों के चालकों-परिचालकों को रक्षाबंधन के त्योहार पर महिलाओं को निःशुल्क यात्रा के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि अभी तक उनके ध्यान में ऐसा कोई मामला नहीं है और अगर कोई ऐसा मामला ध्यान में आएगा, तो उस बस के चालक-परिचालक के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उधर, नगरोटा सूरियां में भारी बारिश के कारण कांगड़ा घाटी में चलने वाली टे्रनों के बंद होने के कारण कई महिलाएं अपने भाइयों को राखी नहीं पहना सकीं। वहीं पंचरुखी में रक्षाबंधन पर्व क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जहां बहनों ने भाइयों की दीर्घायु व समृद्धि की कामना करते हुए उनकी कलाइयों पर राखी बांधी।

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