छोटी गाडि़यां हटाओ, मल्टी एक्सल तभी

बरमाणा। एसीसी सीमेंट फैक्टरी से सीमेंट ढुलाई के लिए अधिकृत दि बिलासपुर जिला ट्रक आपरेटर परिवहन सभा (बीडीटीएस) बरमाणा कार्यकारिणी ने सीमेंट ढुलाई के लिए मल्टी एक्सल गाडि़यां डालने का फैसला लिया है। इस फैसले की पुष्टि बीडीटीएस प्रधान जीत राम गौतम और उपप्रधान नंद लाल ठाकुर ने की है। उन्होंने बताया कि कार्यकारिणी की हाल ही में घाघस में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि जो आपरेटर मल्टी एक्सल गाड़ी डालना चाहता है, उसे दो छोटी गाडि़यां छह टायर वाली हटानी पड़ेंगी। दो गाडि़यों के बदले में एक मल्टी एक्सल गाड़ी डाली जा सकती है। उन्होंने हालांकि मल्टी एक्सल गाडि़यां एसीसी कंपनी द्वारा विस्थापितों को देने का स्वागत किया है। श्री गौतम ने कहा कि ये गाडि़यां बीडीटीएस के गत्ते पर लगनी जरूरी हैं। सीमेंट ढुलाई विस्थापितों का हक है और बीडीटीएस ने विस्थापितों के लिए प्राथमिकता देने की कोशिश की है। क्षेत्र के विस्थापित बेली राम शर्मा, रामनाथ शर्मा, श्रीराम शर्मा, सुनील दत्त, रमेश शर्मा इत्यादि ने एसीसी के इस फैसले को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने एसीसी प्लांट प्रमुख अतुल खोसला के विस्थापितों के प्रति सहानुभूति की सराहना करते हुए धन्यवाद किया है। पता चला है कि बीडीटीएस ने भी विस्थापितों के दर्द को समझते हुए मल्टी एक्सल गाडि़यां डालने बारे यह मामला 25 अगस्त को होने वाले साधारण अधिवेशन में चर्चा के लिए रखा है। जानकारी के अनुसार काफी संख्या में विस्थापित मल्टी एक्सल गाडि़यां डालने के इच्छुक हैं। विस्थापितों का कहना है कि मल्टी एक्सल गाडि़यों से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह गाड़ी दो गाडि़यों का सीमेंट ले जाएगी, जिससे ड्राइवरों की समस्या भी हल होगी।  गत माह परिवहन मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह और परिवहन कमिश्नर की ट्रक आपरेटर महासंघ के साथ एसीसी सभागार में हुई बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई थी। परिवहन मंत्री ने सुझाव दिया था कि मल्टी एक्सल गाडि़यां डालने में ही लाभ है। इससे ड्राइवरों की कमी भी पूरी होगी। विस्थापितों का भी कहना है कि वे घर-बार गंवा चुके हैं।  एसीसी के इस तोहफे के हकदार हैं।

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