ठेके पर बिल मंजूर नहीं

कार्यालय संवाददाता, शिमला

राज्य बिजली बोर्ड के लिमिटेड कंपनी बनने के बाद प्रबंधन वर्ग ने कार्यों के आउटसोर्सिंग का काम शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि हाल ही में बिलिंग के काम को ठेके पर दिए जाने का निर्णय लिया गया है। प्रबंधकों के इस निर्णय के खिलाफ कर्मचारियों ने अपना विरोध शुरू कर दिया है और चेतावनी दी है कि आउटसोर्सिंग हुई तो संघर्ष किया जाएगा। बिजली बोर्ड लिमिटेड में प्रबंधन वर्ग के खिलाफ कर्मचारियों का विरोध तेज होने लगा है। पहले भी विघटन के मामले में कर्मचारी अपना रोष सरकार से जता चुके हैं, जिसके बाद सरकार ने उसके मुताबिक समझौता किया। बोर्ड ने अपने सभी विद्युत मंडलों मंे उपभोक्ताओं को बिल देने का काम निजी कंपनी को सौंपे जाने का फैसला लिया है, जिससे कर्मचारी नाखुश हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड सर्व कर्मचारी महासंघ ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि आउटसोर्सिंग कतई मंजूर नहीं है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष देव राज शर्मा, महामंत्री कृष्ण सिंह जम्वाल व उप महामंत्री विद्या सागर शर्मा ने कहा कि ऐसा होता है, तो प्रबंधकों के खिलाफ संघर्ष छेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में बिलिंग का काम और दूसरे चरण में कैश कलेक्शन का काम भी निजी कंपनियों को सौंप दिया जाएगा। तीसरे चरण में लेजर का काम भी आउटसोर्स होगा, इसलिए जरूरी है कि इसे पहले चरण मंे ही रोक दिया जाए। उन्होंने कहा कि बोर्ड प्रबंधन खुद इस फैसले का वापस ले ले अन्यथा मुख्यमंत्री से इस मामले को उठाया जाएगा। इन नेताओं ने संदेह जताया कि इस फैसले के बाद विद्युत मंडलों में तैनात कर्मचारियों को वहां से स्थानांतरित किया जाएगा।

You might also like