डीजल बेचते पकड़ा कैप्टन

कुल्लू। आठ हजार लीटर डीजल की तस्करी में बीआरओ के एक कैप्टन को स्टेट सीबीआई के विशेष दल ने कोकसर में रंगे हाथों पकड़ा है। लाहुल-स्पीति में लंबे अरसे से चल रहे इस गोरख धंधे का पर्दाफाश करने के लिए सीबीआई के एक विशेष दल ने ठेकेदार बन कैप्टन को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिमला सीबीआई के एसपी आर उपासक ने बताया कि पिछले कुछ समय से विभाग को बीआरओ में तेल तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने बताया कि जैसे ही विभाग को सही व स्टीक जानकारी मिली, तो विभाग ने उस पर एक योजना बनाई। विभाग का दल फर्जी ठेकेदार बन उक्त कैप्टन से मिला और तेल उपलब्ध करवाने की मांग की। कोकसर में तैनात बीआरओ के इस कैप्टन ने फोरन हां बोलते हुए, उन्हें शुक्रवार को एक वाहन में तेल ले जाने के लिए उपयुक्त ड्रम लाने के लिए कहा। उन्हांेने कहा कि दल को कैप्टन ने आठ हजार लीटर डीजल 23 हजार रुपए में देने की बात कही। श्री उपासक ने बताया कि दल मनाली से निकला और वाहन में ड्रमों को लाद उक्त अधिकारी के पास कोकसर जा पहंुचा। उन्हांेने बताया कि बीआरओ के इन तस्करों ने तेल को वाहनों में भरने के लिए गुप्त दरवाजों का निर्माण भी बखूबी कर रखा है। उन्होंने बताया कि दल के कुछ लोगांे ने इसी बीच उक्त अधिकारी से डीजल की राशि में कुछ रियायत करने के लिए कहा। उन्हांेने बताया कि दल जानकारी जुटाता चला गया और कैप्टन अपने कारनामों को बडे़ शौक से उन्हें बताता रहा। जैसे ही डीजल भर लिया गया, उसी समय दल ने कैप्टन को दबोच लिया। कैप्टन को पूछताछ के लिए दल अपने साथ  शिमला ले गया है। पार्टी के शैलेंद्र कुमार ने इसमें पिछड़े तबकों, अनुसूचित जातियों और जनजातियों तथा अल्पसंख्यकों के लिए अलग से आरक्षण की मांग दोहराई। श्री मोइली ने महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए महिला आरक्षण विधेयक को आधी आबादी के सशक्तिकरण की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम बताया। विधि एवं न्याय मंत्री ने कहा कि इस मामले में सदस्यों को पुरुष श्रेष्ठतावादी नजरिए से बचना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस विधेयक को जल्दी ही लोकसभा में भी पारित कर दिया जाएगा। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि पर्सनल लॉ संशोधन विधेयक को हर पार्टी के सदस्यों ने समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार स्त्री-पुरुष समानता लाने और महिलाओं के खिलाफ जुल्म रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और इस बारे में राष्ट्रीय महिला आयोग के  सुझावों पर गौर करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार महिला समानता पर विस्तृत विधेयक लाने की सोच रही है। ऐसी व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है कि अदालतों में महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, लेकिन समाज में महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए जरूरी है कि उनके प्रति समाज के नजरिए में भी बदलाव आए। पर्सनल लॉ संशोधन विधेयक में ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिनसे हिंदू परिवार की एकल जीवन व्यतीत कर रही अथवा लंबे समय से तलाक के मामले में उलझी महिलाएं बच्चा गोद ले सकेंगी। मौजूदा कानून के तहत दत्तक एवं प्रतिपालन के मामले में केवल पिता को ही स्वाभाविक अभिभावक समझा जाता है तथा केवल अविवाहित, तलाकशुदा और विधवा महिलाएं ही बच्चा गोद ले सकती हैं।

You might also like