डीसी उधेड़ेंगे अंबेडकर भवन का सच

जिला संवाददाता, नाहन

मानूसन सत्र में हंगामे का विषय रहे शिलाई के कुंहट पंचायत अंबेडकर भवन की असलीयत परखने के लिए उपायुक्त सिरमौर पदम सिंह चौहान 26 अगस्त को दाया गांव जाएंगे।  खंड विकास अधिकारी शिलाई, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता व तहसीलदार शिलाई को मौके पर रहने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उद्घाटन से पूर्व ही बुनियाद हिलने तथा सुरक्षा दीवार के ढहने से अंबेडकर भवन में दरारें आ गई थी। शिलाई विधायक हर्षवर्धन चौहान ने मुद्दे को विधानसभा की पटल पर उठाया। सदन में हगांमे के बाद मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने उपायुक्त सिरमौर को जांच के आदेश दे दिए हैं। कुंहट ग्राम पंचायत के दाया गांव में दस लाख रुपए की लागत से अंबेडकर भवन बनाया गया था।  लोक निर्माण विभाग द्वारा  एक निजी ठेकेदार को यह काम दिया गया। घटिया सामग्री  से निर्माण करने के बाद 31 मार्च, 2010 को यह भवन लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया गया। उद्घाटन से पूर्व ही बरसात के शुरुआती दौर में ही छह जुलाई को बारिश से भवन की सुरक्षा दीवार ढह गई थी तथा  इसकी बुनियाद भी हिल गई। भवन के निर्माण को लेकर शिलाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री द्वारा विधानसभा से तथ्यों को छिपाया जा रहा है। हर्षवर्धन ने बताया कि दाया गांव के अंबेडकर भवन का निर्माण सिरमौर भाजपा के वरिष्ठ भाजपा नेता के रिश्तेदार को दिया गया था, इस कारण विभाग व सरकार इस मामले में लीपा पोती कर रही है। विधायक का कहना है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने अपनी रिपोर्ट में दाया गांव की आबादी 1500 दर्शाई है, जबकि वास्तव में दाया गांव में मात्र 475 की आबादी है तथा मात्र 161 दलित  हैं। हर्षवर्धन ने बताया कि निर्धारित 15 बिस्वा भूमि की बजाय मात्र 12 बिस्वा भूमि पर भवन का निर्माण किया गया। नियम के मुताबिक भवन के पिल्लर आरसीसी के बनने चाहिए थे, परंतु इस भवन में ईंट के पिल्लर बनाए गए हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव तोमर ने कहा कि हर्ष वर्धन चौहान लोगों की मूलभूत मांगों को विधानसभा में न उठाकर राजनीतिक रंजिश निकाल रहे हैं।

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