डीसी के दम पर सिलेंडर महंगे

मस्तराम डलैल, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में रसोई गैस के दाम डीसी की मेहरबानी पर निर्भर हैं। गैस सिलेंडर कीमतों में बढ़ोतरी के बाद उपायुक्तों द्वारा जारी अधिसूचनाओं के आधार पर सभी जिलों में इनके अलग-अलग दाम वसूल किए जा रहे हैं। एलपीजी कंपनियां प्रदेश की गैस एजेंसियों को एक सिलेंडर करीब 344 रुपए की दर से दे रही हैं। इस पर गैस एजेंसियों को 21 रुपए प्रति सिलेंडर अलग से कमीशन दी जा रही है। लिहाजा गैस एजेंसियों को कमीशन मिलाकर 365 रुपए में सिलेंडर मिल रहा है। इसके बाद प्लॉट से लेकर गोदाम तक का भाड़ा तथा सिलेंडरों की होम डिलीवरी का खर्चा देने के लिए उपायुक्तों को जिम्मा सौंपा गया है। इसके तहत सभी जिलों में उपायुक्तों ने ग्राहकों को घर तक सिलेंडर पहंुचाने के लिए गैस एजेंसियों को अतिरिक्त दाम वसूल करने को लेकर अधिसूचना जारी की है। राज्य में गैस सिलेंडर 375 रुपए से लेकर 420 रुपए तक बेचा जा रहा है। ऊना के मैहतपुर में एलपीजी का प्लाट है। लिहाजा यहां पर गैस एजेंसी को 21 रुपए की कमीशन के साथ 365 रुपए का सिलेंडर मिल रहा है, बावजूद इसके बंगाणा क्षेत्र में प्रति सिलेंडर दाम 410 रुपए तय कर दिए गए हैं। यानी प्लाट से होम डिलीवरी तक गैस एजेंसी को 45 रुपए प्रति सिलेंडर लाभ दिया जा रहा है।

कांगड़ा और चंबा दो जिलों को छोड़ कर अन्य स्थानों पर उपायुक्तों द्वारा रसोई गैस के दाम बहुत ज्यादा बढ़ा दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि राज्य के कई उपायुक्तों ने गैस एजेंसियों  की सहूलियतों के आधार पर रसोई गैस के दाम तय कर दिए हैं। भाड़े तथा होम डिलीवरी की मजदूरी प्रति सिलेंडर दस रुपए भी मान ली जाए, तो राज्य में मात्र पौने चार सौ रुपए में ही सिलेंडर मिल सकता है।

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