दर्द से कराह उठा मंडी अस्पताल

मंडी। हटनाला के पास हुए ट्रक हादसे के बाद मंडी अस्पताल में भर्ती घायलों के उपचार को डाक्टर पूरी रात अस्पताल में दौड़ते रहे। आपातकालीन सेवा देने के लिए ड्यूटी पर तैनात डाक्टरों सहित अस्पताल में कार्यरत अन्य डाक्टर दुर्घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद अस्पताल में पहुंच गए और घायलों के उपचार में जुट गए। पैरामेडिकल स्टाफ का भी हाल कुछ ऐसा ही था और जो दिन के समय कार्य निपटा कर अपने घरों में पहुंचे थे, वे दोबारा से घायलों की देख-रेख में जुट गए। अस्पताल में भर्ती घायल जैसे ही चिल्लाता वैसे ही डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के कर्मचारी उसके पास पहुंच जाते और उसको ढाढस बंधाने का प्रयास करते। बुधवार आधी रात्रि तक अस्पताल में लोगों की चहलकदमी जारी रही और डाक्टर एक कमरे से दूसरे कमरे में जाकर घायलों का चैकअप करते रहे। डाक्टर संजीव वैद्य सहित डा. जीवानंद चौहान के अलावा दर्जन भर डाक्टर पूरी रात घायलों के उपचार में लगे रहे। घायलों का मंजर अस्पताल में यह था कि कोई बेहोश था तो कोई पीड़ा के कराह रहा था, जबकि बेड नंबर दस पर दो बच्चे दम तोड़ चुके थे। यहां तक कि बेड नंबर पांच, चौदह, तेरह, बारह पर भी घायलों ने पहुंचते ही दम तोड़ दिया। जहां परिजनों की चीखें निकल गईं, वहीं पर जोनल अस्पताल में भीड़ भी बेकाबू हो गई।

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