दवाओं की दुकानों पर छापे

शिमला। शिमला में एक क्लीनिक और एक केमिस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। शिमला में अलग-अलग जगह की गई छापामारी के दौरान यह निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा दो क्लीनिकों पर किए गए सर्वेक्षण में से एक क्लीनिक को नोटिस जारी किया गया है, वहीं शिमला के ही दो अन्य केमिस्टों की दुकानों के सर्वेक्षण में से एक केमिस्ट को ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा नोटिस जारी कर दिया गया है। उसे क्लीनिक शिफट करने पर क्लीनिक के सामने अल्ट्रासांउड दिशानिर्देश नहीं लिखने को लेकर नोटिस जारी किया गया है। वहीं केमिस्ट को उसके रिकार्ड में अनियमितताओं को लेकर जवाब मांगा गया है। बता दें कि पीएनडीटी एक्ट को लेकर क्लीनिकों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। शिमला में नियम के मुताबिक स्वास्थ्य सेवाएं जनता को मिलें, इसके लिए शिमला के केमिस्टों और निजी क्लीनिकों पर समय दर समय छापामारी की जा रही है। बहरहाल, छापामारी को लेकर शिमला में हड़कंप मचा है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार भी कोताही नहीं बरतने को लेकर स्वास्थ्य प्रशासन ने अपनी कमर कस रखी है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा देने में नियमों के विरुद्ध काम किया जा रहा है, जिसको लेकर छापामारी की जा रही है। केमिस्टों द्वारा दवाइयों के उचित संग्रहण और उचित भंडारण को लेकर जिला ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा छापामारी की जा रही है। उधर, पीएनडीटी (प्रसव पूर्व निदान अधिनियम) के तहत निजी क्लीनिकों पर छापामारी की जा रही है। निजी क्लीनिकों को यह भी आदेश दिए गए हैं कि यदि आपका क्लीनिक अल्ट्रासांउड करता है या नहीं करता है, दोनों सूरतों पर क्लीनिक के बाद बोर्ड पर दिशानिर्देश लिखना जरूरी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. राजीव रंजन ने कहा कि एक क्लीनिक को नोटिस दिया गया है।

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