दस हजार श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

उपमंडल संवाददाता, भरमौर

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर लगभग दस हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र मणिमहेश झील में प्रथम स्नान किया। भारी वर्षा के बावजूद देश के विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके। उल्लेखनीय है कि इस बार मणिमहेश का स्नान जन्माष्टमी यानी दो सितंबर को होना है, मगर इस बार यात्रियों का आवागमन जून माह से ही शुरू हो चुका है तथा आज तक लगाए गए एक अनुमान के अनुसार लगभग 25 हजार श्रद्धालु मणिमहेश झील में डुबकी लगा चुके हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी करते हुए यह यात्रा 20 अगस्त से ही आधिकारिक रूप से शुरू करने का निर्णय लिया, जिसकी अति आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस समय के प्रबंधों का जायजा लिया गया, तो अकेले गौरीकुंड में ही 20 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने का प्रबंध सरकारी, निजी संस्थाओं और ढाबा मालिकों सहित है, वहीं एक हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था प्रशासन कर चुका है। पर्वतारोहण संस्थान के टैंट धनछो एवं गौरीकुंड सहित डल झील पर लग चुके हैं। रक्षाबंधन की पावन वेला पर मणिमहेश झील में स्नान व पवित्र कैलाश के दर्शनों का बड़ा महत्त्व है। बारिश की तेज व रिमझिम परंतु ठंडी फुहारों के बीच सुबह पांच बजे से ही स्नान का सिलसिला जारी हो गया था। ज्योतिषियों के अनुसार स्नान का समय सुबह पांच बजे से दोपहर दो बजे तक शुभ है। इस बीच जो भी श्रद्धालु पवित्र डल झील में डुबकी लगाएगा, वह पापों से मुक्त होगा। इस पवित्र वेला पर मंगलवार को करीब दस हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने सुबह 11 बजे तक स्नान किया था, जबकि समाचार लिखे जाने तक स्नान का सिलसिला जारी था।

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