दो ग्रह कर रहे हैं एक ही तारे की परिक्रमा

एक अंतरिक्ष जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि शनि के आकार के दो विशाल ग्रह एक ही तारे की परिक्रमा कर रहे हैं। नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार यह पहला मौका है, जब इस बात का पता लगाया गया है कि एक से अधिक ग्रह एक ही तारे की परिक्त्रमा कर रहे हैं।

समाचार पत्र ‘डेली मेल’ ने नासा के हवाले से कहा है कि अंतरिक्ष दूरबीन, केप्लर द्वारा तलाशे गए ये दोनों ग्रह वैज्ञानिकों को ग्रहों के निर्माण और अन्य ग्रहों के साथ उनकी पारस्परिक क्त्रिया के बारे में महत्त्वपूर्ण सुराग दे सकते हैं। वैज्ञानिकों ने इस बात का भी पता लगाया है कि केप्लर, संभवतः पृथ्वी के आकार से लगभग डेढ़ गुना छोटे आकार का ग्रह है, लेकिन वह सूर्य की कक्षा के बहुत करीब परिक्रमा करता है। ग्रहों के नाम केप्लर 9बी और 9सी रखे गए हैं। ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण का एक-दूसरे पर प्रभाव का अर्थ यह होता है कि उनकी कक्षाओं के बीच की दूरी में दो से एक प्रतिशत का अनुपात है। इसे ग्रहों की प्रतिध्वनि कहते हैं। कक्षा के बाहर ग्रहों के बीच पारस्परिक आकर्षण और प्रतिकर्षण का सिद्धांत पहली बार पता किया गया है। यह आविष्कार तब सामने आया है, जब सौर प्रणाली के बाहर पृथ्वी के आकार के ग्रहों के लिए जारी तलाश के हिस्से के रूप में 156,000 से अधिक तारों पर सात महीने तक निगरानी रखी गई।

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