दो माह में वसूले 45 लाख

हमीरपुर। नगर परिषद हमीरपुर गृहकर की लंबित पड़ी एक करोड़ रुपए की राशि को वसूल करने के लिए सक्रिय हो गई है। नगर परिषद द्वारा अपने लिपिक पद पर तैनात सभी कर्मचारियों को पिछले दो माह से डोर-टू-डोर वसूली के लिए भेजा जा रहा है। इस दो माह के अंतराल में परिषद के कर्मचारियांे ने करीब 45 लाख के कर की वसूली कर ली है। परिषद के लिए यह तिकड़म इस बार सफल होता नजर आ रहा है। उल्लेखनीय है कि नगर परिषद हमीरपुर गृहकर की वसूलगी में पिछले लंबे अरसे से पिछड़ता जा रहा है। इसी पिछड़ेपन के चलते परिषद की करीब एक करोड़ की राशि शहरवासियों ने रोकी हुई थी। नगर परिषद इस राशि को वसूल करने मंे अब तक नाकाम ही साबित रहा है। इसी राशि की रिकवरी समय पर नहीं होने के चलते परिषद में बजट की इतनी कमी चल रही है कि कई विकास कार्य मझधार मंे लटक गए हैं। परिषद ने इस समस्या से उभरने के लिए विशेष डोर-टू-डोर अभियान शुरू किया हुआ है। करीब दो माह पहले से शुरू किए गए इस अभियान के चलते परिषद में तैनात लिपिकांे को इस कर वसूली का जिम्मा सौंपा गया है। इसी अभियान के चलते परिषद ने इस वर्ष 59 लाख के कर की वसूली कर ली है। इसमें 45 लाख का कर इस वर्ष का माना जा रहा है, जबकि 14 लाख रुपए की वसूली उस रुके हुए धन से की गई है, जो लंबे समय से गृहकर के रूप में शहरवासियांे ने रोकी हुई है। गौर रहे कि नगर परिषद हमीरपुर की करीब एक करोड़ की राशि गृहकर के रूप में शहरवासियांे ने रोकी हुई है। इस कर वसूली को लेकर अब तक जितने भी परिषद ने तिकड़म लड़ाए हैं, वे विफल साबित होते रहे हैं। इस कर वसूली को लेकर हाथ खड़े कर चुका नगर परिषद अब हर घर-घर मंे जाकर कर की वसूली के अभियान में जुटा हुआ है, जो कि नगर परिषद के पक्ष मंे खरा उतर रहा है। शहर में रुके पड़े विकासात्मक कार्यों को शीघ्र ही शुरू करने मंे यह राशि सार्थक साबित होगी। वहीं नगर परिषद के कर्मचारी भी अपने इस अभियान की सफलता से काफी गदगद नजर आ रहे हैं। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी विजय शर्मा ने बताया कि अब कर वसूली का कार्य डोर-टू-डोर किया जा रहा है। इसमें अब तक करीब 59 लाख की वसूली की जा चुकी है।

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