नतीजों ने झकझोरे ‘शहंशाह’

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, धर्मशाला

प्रदेश की राजनीति को दिशा देने वाले जिला में  छात्र संगठन के चुनावों ने सियासी दलों को आईना दिखा दिया है।  हालांकि मंत्री विधायकों का इन चुनाव में प्रत्यक्ष रूप से भूमिका नहीं होती है। बावजूद इसके राजनीतिक दलों के  अपने समर्थित छात्र संगठन है। इसके चलते इन चुनावों के नतीजों ने दोनों राजनीतिक दलों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी अपने घर में शाहपुर कालेज में विद्यार्थी परिषद को एक भी सीट नहीं दिला पाईं। खाद्य मंत्री रमेश धवाला के घर में ज्वालामुखी कालेज की चारों सीटें एनएसयूआई ने जीत कर भाजपा को रेड सिग्नल दिखा दिया है। आईपीएच मंत्री रविंद्र रवि के गृह क्षेत्र के जयसिंहपुर कालेज में एनएसयूआई का तीन सीटों पर कब्जा उलटफेर के संकेत है। हालांकि  थुरल की चारों सीटों पर विद्यार्थी परिषद की फतह ने पार्टी की पैठ को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं। कांग्रेस विधायक जीएस बाली के गृह क्षेत्र नगरोटा कालेज में पहली बार विद्यार्थी परिषद दो सीटें जीतने में कामयाब हुई है। कांगड़ा में विद्यार्थी परिषद का सफाया भाजपा को आईना दिखा रहा है। राजपुर तथा पालमपुर के तीनों कालेजों में विद्यार्थी परिषद एक भी सीट हासिल नहीं कर पाई है। छात्र संसद के यह नतीजे पालमपुर के तथा राजगीर भाजपा के लिए विधानसभा चुनावों में खतरे की घंटी है। बैजनाथ में एक सीट पर सिमटी विद्यार्थी परिषद यहां भाजपा के संगठन की पोल खोल सकती है। देहरी तथा नूरपुर के दो कालेजों में विद्यार्थी परिषद ने एक सीट जीत कर बड़ी मुश्किल से अपनी लाज बचाई है। लिहाजा भाजपा समर्थित विधायक राकेश पठानिया के लिए ये नतीजे उन्हें सोचने के लिए मजबूर कर देंगे।

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