नयनादेवी में 11.60 लाख नकद, 64 ग्राम सोना मां के चरणों में अर्पित

नयनादेवी। प्रसिद्ध शक्तिपीठ नयनादेवी में चल रहे श्रावण मेलों के अंतिम दौर सप्तमी और दुर्गा अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई। अष्टमी को दिन भर श्रद्धालुओं का यहां पहंुचने का सिलसिला जारी रहा। अष्टमी के दिन मंगलवार सुबह श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर कन्या पूजन किया। वहीं शुरुआती दौर से ही सुरक्षा की दृष्टि में प्रशासन पूरी तरह चाक-चौबंद दिखाई दिया। इस कारण जेबकतरों व अन्य शरारती तत्त्वों के साथ-साथ भिखारियों पर भी अभी तक नकेल कसी हुई है। मंदिर अध्यक्ष विनय सिंह मंगलवार को प्रातःकाल से ही मंदिर में पूरी व्यवस्था पर खुद नजर रखे हुए थे। श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश के लिए बनाया गया फ्लाईओवर व ठीक इसके नीचे बना गठरी व जूताघर बेहद कारगर साबित हो रहा है। वहीं दूसरी ओर इंद्र देव द्वारा समय-समय पर हो रही बारिश के कारण पूरे नगर परिषद क्षेत्र में सफाई हो जाती है। इस कारण परिषद क्षेत्र में फैली गंदगी पर भी पर्दा पड़ जाता रहा है। मेलों के दौरान बिजली एवं पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से है। उधर, मंदिर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सातवें नवरात्र को रात 12 बजे तक लगभग 85 हजार श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी भरी। इस दौरान चढ़ावे के रूप में न्यास को 11 लाख, 60 हजार 461 रुपए की नकदी, 64 ग्राम 440 मिलीग्राम सोना, छह किलोग्राम 554 ग्राम चांदी तथा 100 रायल विदेशी मुद्रा चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए, जबकि मंदिर न्यास को सातवें नवरात्र तक कुल चढ़त के रूप में 76 लाख, 63 हजार 412 रुपए की नकदी, 488 ग्राम 710 मिलीग्राम सोना, 36 किलोग्राम 536 ग्राम 900 मिलीग्राम चांदी चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुई। इस दौरान 6.50 लाख श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। उधर, मंगलवार को पंजाब से आए लंगर सेवादल के अधिकांश लंगरों ने भी अष्टमी के दिन माता के दर्शनों के बाद अपना तामझाम समेटना शुरू कर दिया है। वहीं मंदिर न्यास अध्यक्ष एवं मेला सह अधिकारी विनय सिंह ने श्रावण अष्टमी नवरात्र के शुभ अवसर पर सभी पुजारी वर्ग एवं श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं।

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