नाबालिगों से काम लिया तो जेल

निजी संवाददाता, इंदौरा

श्रम निरीक्षक एवं निरीक्षक दुकान एवं वाणिज्य संस्थान वृत्त नूरपुर ने अपने इंदौरा प्रवास के दौरान प्रदेश दुकान एवं वाणिज्य संस्थापन अधिनियम 1969 के बारे  में व्यापार मंडल इंदौरा व दुकानदारों को विस्तृत जानकारी दी। इस अधिनियम के तहत सभी दुकानों/प्रतिष्ठानों  का पंजीकरण आवश्यक है। इन नियमों की अवहेलना  करने वाले का चालान काटा जा सकता है। कोर्ट द्वारा 2000 रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। दुकानों को प्रातः खोलने का समय नौ बजे व रात को बंद करने का समय आठ बजे है। प्रत्येक रविवार को अवकाश होगा। नाबालिग बच्चों से कोई भी काम नहीं लिया जा सकता है। अगर कोई पकड़ा गया, तो संबंधित दुकानदार को दो वर्ष का कारावास हो सकता है। कर्मचारी को महीने में कम से कम 3300 रुपए की राशि का भुगतान करना होगा। कर्मचारी का पूरा रिकार्ड, उसकी दैनिक हाजिरी, छुट्टी व वेतन का हिसाब-किताब रखना होगा।

 दुकान के पंजीकरण की पांच सालों की फीस 250 रुपए है। अगर किसी के पास एक से पांच तक वर्कर्ज लगे हैं, तो पंजीकरण फीस 1000 रुपए तथा छह से दस तक की फीस 1500 रुपए होगी। श्रम निरीक्षक एवं निरीक्षक दुकान एवं वाणिज्य संस्थान वृत्त नूरपुर पीएस चंबियाल ने बताया कि दुकानों के खुलने, बंद करने व साप्ताहिक अवकाश के नियम दवाइयों की दुकानों, चाय-पानी-सब्जी व ढाबों पर लागू नहीं होेंगे। उन्होंने बताया कि इंदौरा में 190 दुकानों का पंजीकरण किया जा चुका है। इन अधिनियमों के तहत क्षेत्र की सभी दुकानों का पंजीकरण आवश्यक है।

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