नियम हवा, छुट्टी पर भी खुलीं रहीं दुकानें

सोलन। सोलन में लेबर लॉ की स्थानीय दुकानदारों द्वारा धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लंबे अरसे से लागू लेबर एक्ट के तहत पूरे देशभर में नगर परिषद के तहत आने वाले क्षेत्र में रविवार को दुकानें खोलने पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन यहां नियमों को दरकिनार कर हर रविवार बिना किसी के डर से दुकानों को खोला जाता है। इसे या तो दुकानदारों की तानाशाही कहा जा सकता है या फिर श्रम विभाग की लचर कार्यप्रणाली कहा जा सकता है। हिमाचल प्रदेश श्रम विभाग के तहत आने वाले शॉप एक्ट में वर्ष 2004 में संशोधन किया गया था, जिसमें साफ कहा गया था कि रविवार को समस्त प्रदेश में व्यावसायिक गतिविधियां बंद रहेंगी। विभाग द्वारा पारित इस एक्ट के दायरे में कुछ गतिविधियां व दुकानें नहीं आती हैं, जिन्हें खुला रखा जा सकता है। विडंबना है कि सोलन में रविवार को कपड़ा बेचने वाले, गिफ्ट शॉप, खिलौनों तथा अन्य किरानें की दुकानें भी अवैध रूप से खुली होती हैं, जो अन्य दुकानें बंद होने पर रविवार को मोटी कमाई कर लेते हैं। ऐसे में शहर के ही कुछ दुकानदारों, जो नियमों का पालन करते हैं, उन्हें आपत्ति होना भी लाजिमी है। जिला सोलन में नगर परिषद के तहत आने वाले मालरोड पर कई दुकानें ऐसी हैं, जो सुबह के समय ही खुल जाती हैं तथा शाम तक जमकर पैसा बटोरती हैं। हालांकि विभाग द्वारा कुछ दुकानों पर यह एक्ट लागू नहीं होता, लेकिन जिन दुकानों पर एक्ट लागू होता है, वे भी बेखौफ दुकानें खोलकर अपनी जेबें भरते जा रहे हैं। ऐसे दुकानदारों पर लगाम कसने का कार्य श्रम विभाग का है, लेकिन विभाग की लचर कार्यप्रणाली के चलते दुकानदारों के भी हौसले बुलंद हैं। अवैध रूप से खोली गई इन दुकानों का विभाग द्वारा चालान किया जाता है। विभाग द्वारा ऐसे दुकानदारों के खिलाफ एक हजार रुपए तक जुर्माना करने का प्रावधान है, जिसका भुगतान कोर्ट में किया जाता है। प्रदेश श्रम एक्ट के तहत आने वाले शॉप एक्ट में दो अगस्त, 2004 में संशोधन हुआ, जिसके तहत विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों के दुकानों तथा अन्य कार्यों पर रविवार को प्रतिबंध लगाया गया था। श्रम विभाग के इंस्पेक्टर केआर शर्मा ने बताया कि वह समय-समय पर जिला के विभिन्न शहरों की जांच करते हैं तथा पहली बार उन्हें हिदायत दी जाती है तथा अगली बार उनका चालान किया जाता है, जो हजार रुपए का होता है। जिला श्रम अधिकारी एसकेकौशल ने बताया कि वह जिला के विभिन्न स्थानों पर निर्धारित क्लोज-डे के दौरान शहरों का निरीक्षण करते हैं, अगर इस दौरान कोई पकड़ा जाता है, तो उसका चालान काटा जाता है। श्री कौशल ने बताया कि अगर शहर में रविवार के दिन अवैध रूप से दुकानें खुलती हैं, तो उनकी गहनता से जांच की जाएगी तथा आरोपियों को किसी भी सूरत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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