पतलीकूहल में सड़ने लगा सेब

पतलीकूहल। घाटी में ट्रकों की किल्लत से सेब सड़ने की कगार पर पहुंच चुका है। बागबानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। घाटी में सेब सीजन पूरे यौवन पर है, लेकिन अब सेब को देश की सुदूर मंडियों में पहुंचाने के लिए ट्रकों की किल्लत होने लगी है।

बागबानों को पैक किए हुए सेब के लिए दो से चार दिनों तक ट्रक के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इस मर्तबा फसल को देखते हुए अधिकतर लोग स्थानीय सब्जी मंडियों में सेब को बेच रहे हैं, क्योंकि अभी तक पतलीकूहल व बंदरोल सब्जी मंडियों में बढि़या क्वालिटी का सेब 25 से 30 रुपए प्रतिकिलो बिक रहा है। इस वर्ष जिस तरह से बरसात का कहर हावी रहा है, उससे सेब में आने वाली चमक बरसात की बिसात से धुंधली हो गई है।

पतलीकूहल सब्जी मंडी में मंगलवार को सेब 22 से 29 रुपए प्रतिकिलो बिका वहीं बंदरोल सब्जी मंडी में यह भाव भी समान रहा है, लेकिन देश की सुदूर सब्जी मंडियों में नाग पंचमी के बाद सेब के दाम 100 रुपए प्रति कार्टन गिर गए हैं, वहीं लकड़ी की पेटी में भी 75 रुपए गिरावट आ गई है।

कानपुर सब्जी मंडी में सेब कार्टन का भाव 900 से 800 रुपए तथा पेटी में पैक सेब का भाव 750 रुपए से 650 रुपए रह गया है। बागबानों का कहना है कि 15 अगस्त के बाद वैसे भी प्रदेश से सेब अधिक मात्रा में सब्जी मंडियों में पहुंचना आरंभ हो जाता है, जिससे सेब के दाम गिरना प्रारंभ हो जाते हैं, लेकिन कुल्लू घाटी की सब्जी मंडियों में सेब का बढि़या दाम मिल रहा है, जिससे बागबान यहां पर ही सेब को बेचने में प्राथमिकता दे रहे हैं। बहरहाल ट्रकों की कमी ने बागबानों की चिंता बढ़ा दी है।

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