पवित्र चौरासी धाम नीलाम

भरमौर। विश्व प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा को श्रद्धालुओं की आमद शुरू हो गई है, जिसके चलते यहां के धार्मिक स्थलों में व्यापारिक गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी रविवार को पवित्र चौरासी धाम की बोली हुई, जिसमें 11 लाख रुपए में माह भर के लिए इस पवित्र स्थान को व्यापारिक स्थल में तबदील कर यहां की धार्मिक आस्था को तार-तार करने का प्रयत्न किया गया है। दूरदराज के सैकड़ों धार्मिक पर्यटकों, स्थानीय बुद्धिजीवी वर्ग व प्रशासन की इसे व्यापारिक स्थल न बनाने की कोशिशों के बावजूद यहां धार्मिक आस्था व पवित्रता से खिलवाड़ हर वर्ष आम हो गया है। गौरतलब है कि हर वर्ष मणिमहेश यात्रा के दौरान भरमौर के स्थानीय जातर मेलों में इस पवित्र धाम को पूरी तरह व्यापारिक प्रतिष्ठान में तबदील किया जाता है, जिससे चौरासी मंदिरों के समूह के दूरदराज से श्रद्धालु दर्शन करने से भी महरूम हो जाते हैं, क्योंकि सभी मंदिरों के इर्द-गिर्द दुकानें लगा दी जाती हैं। इस पवित्र स्थान में हर वर्ष गंदगी व्यापारियों द्वारा फैलाई जाती है तथा धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाली आपत्तिजनक वस्तुओं के साथ-साथ पवित्र प्रांगण में जूतों का भी खूब व्यापार किया जाता है। इस बार भी स्थानीय पंचायत भरमौर ने दुकानों की बोली की है तथा पंचायत का कहना है कि दुकानों की बोली से जो आय होती है, उसे मेले के आयोजन पर खर्च किया जाता है। मेलों के सफल आयोजन की आड़ में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था पर गहरे आघात व मंदिरों की पवित्रता को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है। पवित्र चौरासी परिसर में मेलों के दौरान लगने वाली दुकानों को लेकर भरमौर पंचायत प्रधान आशा रानी कपूर का कहना है कि स्थानीय पंचायत ही आयोजक के तौर पर इन मेलों का आयोजन करवाती आई है और इस बार चौरासी परिसर मुख्य मंदिरों के पास दुकानें नहीं लगाई गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को दिक्कतें न हों। हालांकि परिसर में दुकानों की बोली हुई है। बहरहाल मेले के सफल आयोजन की आड़ में श्रद्धालुओं की आस्था पर गहरा अघात हुआ है।

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