बड़े साहबों को दिखानी होगी काबिलीयत

स्टाफ रिपोर्टर, शिमला

जिला का लॉ एंड आर्डर देखने वाले साहबोंें को अब साल में एक बार पेचीदा मामलों को सुलझाने में काबिलीयत दिखानी होगी। यही नहीं, इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों को इस चुनौती पर साल  में दो बार खरा उतरना पड़ेगा। काबिलीयत दिखाने में जो एसपी या एएसपी मुख्यालय की नजर में खरा नहीं उतर पाया, उसकी जवाबदेही उन्हें पुलिस महानिदेशक को देनी होगी। अभी हाल ही में पुलिस मुख्यालय से आदेश आए हैं कि एसपी को साल में एक पेचीदा केस की छानबीन करनी होगी तथा एएसपी को भी कम से कम दो केस सुलझाने होंगे।

 एसपी व एएसपी उन्हीं केसों की छानबीन करेंगे, जो अति महत्त्वपूर्ण व पेचीदा मामले होंगे। विभाग को तय समय पर इन केसों की छानबीन कर इसकी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी। पुलिस मुख्यालय के आदेशों के बाद सभी पुलिस अधीक्षकों ने एक-एक केस की छानबीन शुरू कर अपने अधीन एएसपी को दो-दो केस की छानबीन सौंप दी है। गौरतलब है कि पुलिस मुख्यालय से निकले आदेशों से पहले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक केसों की छानबीन तो करते थे, लेकिन पुलिस अधीक्षक केवल सुपरविजन के साथ लॉ एंड आर्डर देखते थे। बैठे-बिठाए लॉ एंड आर्डर देखने वाले पुलिस अधीक्षकों को भी अब साल में एक बार पेचीदा मामले सुलझाने में माथापच्ची करनी होगी। उधर, इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला राजेंद्र मोहन शर्मा का कहना है कि मुख्यालय से आदेश आए हैं कि एसपी साल में एक और एएसपी को सालों में दो केसों की छानबीन करनी होगी। आदेशों के मुताबिक पेचीदा केसों की जांच शुरू कर दी है। बहरहाल अब एसपी तथा एएसपी को पेचीदा मामलों की छानबीन कर उन्हें मुख्यालय की नजर में खरा उतरना पड़ेगा।

एसएसपी करेंगे जीपीए मामले की जांच

एसएसपी शिमला शिलान बाग में फर्जी जीपीए बनाकर करोड़ों की संपत्ति बेचने के मामले की जांच करेंगे। उन्होंेने इस केस की छानबीन का निर्णय लिया है और तय सीमा के अंदर इस पेचीदा केस को सुलझाने का दावा किया है। इसके अलावा डीएसपी सिटी को रिटायर्ड कर्नल वाले फर्जी जीपीए मामले में संपत्ति बेचने वाले केस की जांच सौंपी है।

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